{"_id":"65e7e94b16cb305faf0ac54d","slug":"mahashivratri-2024-indore-shiv-mahadev-bhagwan-mandir-story-2024-03-06","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Mahashivratri: 12 ज्योतिर्लिंग एक साथ बने, सबसे पहले दर्शन के लिए इंद्र आए... इंदौर के शिव मंदिर हैं बेहद खास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahashivratri: 12 ज्योतिर्लिंग एक साथ बने, सबसे पहले दर्शन के लिए इंद्र आए... इंदौर के शिव मंदिर हैं बेहद खास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 06 Mar 2024 09:25 AM IST
सार
mahashivratri 2024 आ रही है। इंदौर में कई शिव मंदिर बेहद खास हैं। इनमें दर्शन के लिए भक्त दूर दूर से आते हैं। महाशिवरात्रि पर दर्शन के लिए दूर दूर से यहां आएंगे भक्त।
विज्ञापन
1 of 3
द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
इंदौर को शिव नगरी कहा जाता है। माता अहिल्या ने पूरे जीवन शिव भक्ति की और इस वजह से इंदौर में कई प्रसिद्ध शिव मंदिर हैं। इन मंदिरों में दर्शन के लिए दूर दूर से लोग यहां पर आते हैं। mahashivratri 2024 पर जानते हैं इन मंदिरों की रोचक कथाएं...
एक साथ 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन होते हैं यहां
एक साथ 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना हैं तो शहर के परदेशीपुरा स्थित गेंदेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर (शिवधाम) में यह मौका मिल पाता है। यहां सभी ज्योतिर्लिंग के साथ चारों धामों के देवता भी विराजमान हैं। इसके अलावा गुंबद पर 12 ज्योतिर्लिंग भी बने हैं। इससे भक्तों को दूर से ही महादेव के दर्शन होते हैं। मंदिर ट्रस्ट के राजेश विजयवर्गीय ने बताया कि यहां मंदिर के पुजारी द्वारा एक पैर पर खड़े होकर की जाने वाली तांडव आरती भी खास होती है। महाशिवरात्रि पर हर साल पांच दिवसीय विवाह उत्सव का आयोजन किया जाता है। इसमें शहर भर से श्रद्धालु भाग लेते हैं और भगवान के विवाह के साक्षी बनते हैं।
2 of 3
इंद्रेश्वर महादेव मंदिर
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
इस मंदिर के नाम पर पड़ा इंदौर का नाम
इंदौर के पंढरीनाथ थाने के पीछे इंद्रेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। इस मंदिर को साढ़े 4 हजार साल पुराना बताया जाता है। मान्यता है कि इस मंदिर के नाम से ही शहर का नाम इंदूर पड़ा और फिर इंदौर हुआ। मान्यताओं के अनुसार इंदेश्वर मंदिर में देवराज इंद्र से लेकर देवी अहिल्या बाई होलकर तक भगवान शिव की आराधना करने आया करतीं थी। मंदिर के पुजारी महेश पुरी गोस्वामी बताते हैं कि वृत्रासुर नामक दैत्य से मुक्ति पाने के लिए इंद्र ने इसी स्थान पर भगवान शिव की पूजा की थी। भगवान इंद्र के हाथों पूजा होने के कारण ही इस शिवलिंग का नाम इंद्रेश्वर महादेव पड़ गया। आज भी जब शहर में अल्प वर्षा से शहरवासियों को जल संकट का सामना करना पड़ता है, तब यहां भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है।
3 of 3
देवगुराड़िया मंदिर
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
वर्षा के जल से होती है शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा
शहर से 12 किमी दूर नेमावर रोड पर देवगुराड़िया मंदिर स्थित है। यह शिव मंदिर भक्तों के बीच आस्था का मुख्य केंद्र है। यह मंदिर होलकर राज्य के प्राचीन मंदिरों में से एक है। देवी अहिल्या बाई 1784 में महेश्वर से इंदौर प्रवास के दौरान यहां दर्शन के लिए आई थीं। इस स्थान को गरुड़ तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है। यह भी उल्लेख है कि अहिल्या बाई ने ही मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। इस मंदिर को गुटकेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। यहां वर्षा ऋतु में गोमुख से निकलने वाले जल से शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। महंत रितेश पुरी के अनुसार 11-12वीं शताब्दी के इस मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन महादेव के जलाभिषेक से मनचाहा फल मिलता है।
श्मशान के महादेव, यहां मिलती है मुक्ति
भूतेश्वर महादेव मंदिर 300 वर्ष पुराना है। यह शहर के पश्चिम क्षेत्र के पंचकुइया में स्थित है। महाशिवरात्रि पर यहां भगवान की आराधना के लिए लंबी कतार लगती है। यहां श्मशान घाट पर महादेव विराजमान हैं। कहा जाता है कि महादेव के सामने अंतिम संस्कार करने से मरने वाले की आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां नर्मदा से निकले स्वयंभू शिवलिंग की स्थापना की गई है। मंदिर में भगवान के सामने एक बड़ी खिड़की बनाई गई है और मुक्तिधाम की दीवार में एक खिड़की बनाई गई है, ताकि महादेव के सामने अंतिम संस्कार किया जा सके।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।