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Indore News: 80% लोगों को 'साइलेंट डिप्रेशन' दे रहा फोन, डॉक्टरों के शोध में हुआ बड़ा खुलासा
Wed, 05 Nov 2025 09:12 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 05 Nov 2025 09:12 PM IST
सार
Indore News: अंतरराष्ट्रीय मनोस्वास्थ्य एवं व्यसन सम्मेलन में महापौर ने मोबाइल की लत को नया खतरा बताया। एक शोध के अनुसार, 73% लोग मोबाइल की लत के शिकार हैं, जिससे 80% में 'साइलेंट डिप्रेशन' और नींद की समस्याएं बढ़ रही हैं।
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कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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मनोस्वास्थ्य और व्यसन की बढ़ती वैश्विक चुनौतियों पर मंथन करने के लिए तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘ऐडिकॉन 2025’ (ADDICON 2025) का शुभारंभ आज इंदौर के प्राइड होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मंत्री महेंद्र हार्डिया, पद्मश्री जनक पलटा और डॉ. अतुल अम्बेकर (प्रोफेसर, एम्स नई दिल्ली) समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
सम्मेलन में देश-विदेश के नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
देश-विदेश के विशेषज्ञ ले रहे हिस्सा
इंडियन साइकाइट्रिक सोसाइटी (IPS) के तत्वावधान में हो रहे इस सम्मेलन में देश-विदेश के मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, शोधकर्ता और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं। पहले दिन के पहले सत्र में इंडियन साइकेस्ट्रिक सोसाइटी की पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. सबिता मल्होत्रा ने बच्चों और युवाओं में व्यसन पर अपने विचार रखे।
पहला शोध: 73% लोग मोबाइल की लत के शिकार
कॉन्फ्रेंस में मध्य भारत के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. कौस्तुभ बागुल ने मोबाइल की लत पर अपना हालिया वैज्ञानिक शोध प्रस्तुत किया, जिसने खतरे की घंटी बजा दी है। डॉ. बागुल ने चेतावनी देते हुए कहा, "आपका स्मार्टफोन एक खामोश हत्यारे (साइलेंट किलर) की तरह आपकी नींद और मानसिक स्वास्थ्य को निगल रहा है। यह समस्या एक मानसिक महामारी बन सकती है।" लगभग 500 प्रतिभागियों पर किए गए इस अध्ययन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
73% लोग मोबाइल फोन की लत के शिकार पाए गए।
80% प्रतिभागियों में ‘साइलेंट डिप्रेशन’ (छिपा हुआ अवसाद) के लक्षण मिले।
इनमें नींद से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी पाई गईं।
दूसरा शोध: 49% मानसिक रोगी तंबाकू के आदी
सम्मेलन में प्रस्तुत एक अन्य अध्ययन में डॉ. वर्चस्वी मुद्गल और उनकी टीम ने मानसिक रोगियों में तंबाकू की लत पर शोध के नतीजे साझा किए। 200 से अधिक मरीजों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि 49% मानसिक रोगी तंबाकू (निकोटिन) की लत से ग्रस्त हैं। हालांकि, शोध में यह सकारात्मक बात भी सामने आई कि इनमें से 42% मरीज इस लत को छोड़ना चाहते हैं।
इंडियन साइकाइट्रिक सोसाइटी (IPS) के तत्वावधान में हो रहे इस सम्मेलन में देश-विदेश के मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, शोधकर्ता और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं। पहले दिन के पहले सत्र में इंडियन साइकेस्ट्रिक सोसाइटी की पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. सबिता मल्होत्रा ने बच्चों और युवाओं में व्यसन पर अपने विचार रखे।
पहला शोध: 73% लोग मोबाइल की लत के शिकार
कॉन्फ्रेंस में मध्य भारत के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. कौस्तुभ बागुल ने मोबाइल की लत पर अपना हालिया वैज्ञानिक शोध प्रस्तुत किया, जिसने खतरे की घंटी बजा दी है। डॉ. बागुल ने चेतावनी देते हुए कहा, "आपका स्मार्टफोन एक खामोश हत्यारे (साइलेंट किलर) की तरह आपकी नींद और मानसिक स्वास्थ्य को निगल रहा है। यह समस्या एक मानसिक महामारी बन सकती है।" लगभग 500 प्रतिभागियों पर किए गए इस अध्ययन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
73% लोग मोबाइल फोन की लत के शिकार पाए गए।
80% प्रतिभागियों में ‘साइलेंट डिप्रेशन’ (छिपा हुआ अवसाद) के लक्षण मिले।
इनमें नींद से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी पाई गईं।
दूसरा शोध: 49% मानसिक रोगी तंबाकू के आदी
सम्मेलन में प्रस्तुत एक अन्य अध्ययन में डॉ. वर्चस्वी मुद्गल और उनकी टीम ने मानसिक रोगियों में तंबाकू की लत पर शोध के नतीजे साझा किए। 200 से अधिक मरीजों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि 49% मानसिक रोगी तंबाकू (निकोटिन) की लत से ग्रस्त हैं। हालांकि, शोध में यह सकारात्मक बात भी सामने आई कि इनमें से 42% मरीज इस लत को छोड़ना चाहते हैं।
