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Indore News: सामूहिक निकाह में अरावली और हुकुमचंद मिल संरक्षण का संकल्प, जोड़ों को तोहफे में दिए पौधे
Sun, 28 Dec 2025 05:08 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 28 Dec 2025 05:08 PM IST
सार
Indore News: इंदौर में जनसहयोग से हुआ 50 जोड़ों का निकाह, जनसमूह को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, जोड़ों को तोहफे में पौधे दिए और प्रकृति का महत्व समझाया।
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सामूहिक निकाह में प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
खजराना स्थित वादी-ए-नूर दरगाह ग्राउंड पर गरीब नवाज वेलफेयर सोसायटी द्वारा 18वें इज्तिमाई शादी सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यहां निकाह की रस्मों के साथ-साथ प्रकृति को बचाने का संकल्प भी लिया गया। आयोजन स्थल पर अरावली के पहाड़ों और हुकुमचंद मिल की हरियाली को बचाने के उद्देश्य से कई बैनर और पोस्टर लगाए गए थे।
जावेद खान, शकील खान और जाहिद
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
सादगी और शरीअत के साथ संपन्न हुए निकाह
कार्यक्रम के आयोजक शकील खान, जाहिद और जावेद खान ने बताया कि संस्था का यह 18वां सफल आयोजन है। इस सम्मेलन में कुल 50 जोड़ों का निकाह पूरी सादगी के साथ शरीअत के दायरे में संपन्न कराया गया। आयोजकों ने फिजूलखर्ची और शोर-शराबे से दूर रहकर समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है। संस्था में 300 सदस्य हैं, जिनमें डाक्टर, इंजीनियर, सरकारी अधिकारी और व्यापारियों के साथ आमजन भी शामिल हैं। निकाह का पूरा खर्च संस्था के द्वारा ही उठाया जाता है। नए जोड़ों को निकाह का पूरा सामान भी संस्था ही देती है।
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नवदंपतियों को भेंट किए पौधे
पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए संस्था द्वारा सभी नए जोड़ों को पौधे भेंट किए गए। शकील खान के अनुसार, निकाह के बाद जोड़ों को यह सीख दी गई कि जिस तरह वे अपने परिवार की देखभाल करते हैं, उसी तरह उन्हें इन पौधों को भी पेड़ बनने तक पालना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रकृति सुरक्षित रहने पर ही इंसान सुरक्षित रह सकता है।
कार्यक्रम के आयोजक शकील खान, जाहिद और जावेद खान ने बताया कि संस्था का यह 18वां सफल आयोजन है। इस सम्मेलन में कुल 50 जोड़ों का निकाह पूरी सादगी के साथ शरीअत के दायरे में संपन्न कराया गया। आयोजकों ने फिजूलखर्ची और शोर-शराबे से दूर रहकर समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है। संस्था में 300 सदस्य हैं, जिनमें डाक्टर, इंजीनियर, सरकारी अधिकारी और व्यापारियों के साथ आमजन भी शामिल हैं। निकाह का पूरा खर्च संस्था के द्वारा ही उठाया जाता है। नए जोड़ों को निकाह का पूरा सामान भी संस्था ही देती है।
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नवदंपतियों को भेंट किए पौधे
पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए संस्था द्वारा सभी नए जोड़ों को पौधे भेंट किए गए। शकील खान के अनुसार, निकाह के बाद जोड़ों को यह सीख दी गई कि जिस तरह वे अपने परिवार की देखभाल करते हैं, उसी तरह उन्हें इन पौधों को भी पेड़ बनने तक पालना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रकृति सुरक्षित रहने पर ही इंसान सुरक्षित रह सकता है।
लोगों ने प्रकृति संरक्षण के पोस्टर्स के साथ फोटो खिंचवाए।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अरावली और हुकुमचंद मिल को बचाने की अपील, बराती बनाकर लाए पोस्टर
इस अवसर पर आयोजकों ने उपस्थित जनसमूह से अरावली पर्वत और हुकुमचंद मिल क्षेत्र की हरियाली को संरक्षित करने के लिए आगे आने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय बच्चों ने पर्यावरण पर आधारित पोस्टर बनाकर लोगों को जागरूक किया। बराती भी अपने परिवारों के बच्चों से पोस्टर्स बनवाकर लाए। अरावली और हुकुमचंद मिल की हरियाली के संरक्षण के पोस्टर भी लगाए गए।
इस अवसर पर आयोजकों ने उपस्थित जनसमूह से अरावली पर्वत और हुकुमचंद मिल क्षेत्र की हरियाली को संरक्षित करने के लिए आगे आने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय बच्चों ने पर्यावरण पर आधारित पोस्टर बनाकर लोगों को जागरूक किया। बराती भी अपने परिवारों के बच्चों से पोस्टर्स बनवाकर लाए। अरावली और हुकुमचंद मिल की हरियाली के संरक्षण के पोस्टर भी लगाए गए।
