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Indore News: दहेज केस में फांसी लगाने वाले नितिन का भावुक पत्र... पढ़कर सबकी आंखें नम हो गई

Wed, 22 Jan 2025 09:38 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Wed, 22 Jan 2025 09:38 PM IST
सार

Indore News: 28 वर्षीय इवेंट फोटोग्राफर और कैफे संचालक नितिन ने पत्नी और ससुरालवालों की प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले लिखे 14 पन्नों के नोट में पत्नी, सास और सालियों पर गंभीर आरोप लगाए।

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dahej Dowry case husband committed suicide
नितिन और हर्षा। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र के यादव नंद नगर में रहने वाले 28 वर्षीय युवक, नितिन पडियार ने पत्नी और ससुरालवालों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। नितिन इवेंट फोटोग्राफर और कैफे संचालक थे। उन्होंने फांसी लगाने से पहले 14 पन्नों का एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी, सास और दो सालियों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। सुसाइड नोट में नितिन ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी हर्षा शर्मा के परिवार ने कभी उनकी शादी को स्वीकार नहीं किया। नितिन और हर्षा की शादी 2019 में हुई थी, लेकिन शादी के छह महीने बाद ही उनके बीच विवाद शुरू हो गया। 2024 में हर्षा ने नितिन, उनके बड़े भाई सूरज और सास पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करा दिया। नितिन ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि हर्षा का परिवार इस मामले के समझौते के लिए 20 लाख रुपए की मांग कर रहा था। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दहेज प्रताड़ना की एफआईआर से उनका नाम हटाने के लिए राजस्थान पुलिस ने भी 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। इन आरोपों के संदर्भ में हर्षा का कहना है कि शादी के बाद से ही नितिन और उनके परिवार द्वारा उससे दहेज की मांग की जाती थी।



dahej Dowry case husband committed suicide
नितीन के जाने पर विलाप करते बड़ा भाई और मां। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
14 पेज के सुसाइड नोट में नितिन ने क्या लिखा...
मैं नितिन पडियार आत्महत्या कर रहा हूं। पत्नी हर्षा शर्मा ने मुझे और मेरी पूरी फैमिली को झूठे केस में फंसा दिया है। मैंने अगस्त 2019 में हर्षा से लव मैरिज की थी। शादी के लिए हम दोनों की फैमिली राजी नहीं थी। इसलिए हमने भागकर शादी कर ली। घर से अलग किराए के मकान में रहने लगे। शादी के दो महीने बाद मेरे परिवार ने हमें अपना लिया। परिवार ने समाज के सामने हमारी शादी की। मेरी सास सीता शर्मा इस शादी से खुश नहीं थी। उन्होंने मुझे कभी नहीं अपनाया। मेरी मौत का कारण सिर्फ और सिर्फ पत्नी हर्षा शर्मा, सास सीता शर्मा, साली मीनाक्षी और वर्षा शर्मा है। इन्होंने मुझे बहुत डराया और ब्लैकमेल किया है। हर्षा के कहने पर मैंने मां और भाई से लड़ाई की। उसी घर में ऊपर अलग रहने लगा। कुछ दिन बाद से हर्षा सुबह 11 बजे तक सोकर उठने लगी। मैं सुबह 10.30 बजे जॉब पर भूखा ही जाता था। कई बार भाभी ने खाना खिलाया। इस बात पर मां ने हर्षा को समझाया तो वह विवाद करने लगी। कुछ दिन बाद हर्षा प्रेग्नेंट हो गई। उसने यह बात अपनी मम्मी को बताई। उन्होंने कह दिया कि नितिन के बच्चे से हमें कोई रिश्ता नहीं रखना। हर्षा की प्रेग्नेंसी के 6 महीने पूरे होने के बाद हमने गोद भराई कराई। हर्षा की मम्मी नहीं आई तो हमने गोद भराई की रस्म भतीजे अनिरुद्ध से करवाई। कुछ दिन बाद बेटे ने जन्म लिया। तब भी हर्षा की मम्मी उसे देखने नहीं आई। हर्षा की इच्छा पूरी करने के लिए मैंने बिजनेस के लिए लोन लिया। लेकिन उसमें नुकसान हो गया। इसके बाद और लोन लिया, उसमें भी नुकसान हो गया। हर्षा झगड़ा करके 4 मार्च 2023 को सुबह 6 बजे उसकी बड़ी बहन मीनाक्षी के साथ मायके जोधपुर चली गई। कुछ महीने बाद मैंने उससे कहा कि बेटे हनी की याद आ रही है, तुम घर आ जाओ। मम्मी के कहने पर हर्षा ने शर्त रखी कि परिवार से अलग रहेंगे तभी वो वापस लौटेगी। उसने मेरा नंबर ब्लॉक कर दिया। दूसरे मोबाइल से लगाया तो उसकी मां फोन उठाती और बात नहीं करने देती थी। एक साल तक ऐसा ही चलता रहा। मैंने अलग रहने की बात मान ली, लेकिन हर्षा और उसकी मम्मी का कहना था कि 20 लाख रुपए चाहिए। मैं पहले से ही इतने कर्जे में हूं। कहां से 20 लाख रुपए दे दूं। मैं परिवार के साथ हर्षा से बात करने राजस्थान गया। तब हर्षा और उसकी मम्मी ने कहा कि से नहीं देगा तो तुझे केस में उलझा देंगे। इसके बाद हर्षा ने कोर्ट में हमारे खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने भी मुझे, मम्मी और भैया को बहुत डराया-धमकाया और बेइज्जत किया। मेरे परिवार ने कभी किसी थाने में कदम नहीं रखा था। वो लोग बहुत सीधे हैं। उन्हें झूठे केस में कोर्ट जाना पड़ रहा है। मेरे घर में अकेला मेरा भाई कमाने वाला है। मैं काम नहीं कर पा रहा हूं। हमें हर महीने कोर्ट की तारीख पर राजस्थान जाना पड़ता है।

मम्मी सुनो।
मेरे जाने के बाद तुम रोना मत और न ही किसी को रोने देना। अगर तुम लोग रोओगे तो मुझे मरने के बाद भी तकलीफ होगी। मैं वापस आऊंगा, तुम्हारा बेटा बनकर। आई एम सॉरी।

भैया!
भैया, तुझे मैं कभी बोल नहीं पाया। तू मेरा सबकुछ है। तू रहता है तो हिम्मत रहती है। मम्मी का ध्यान रखना। और आखिरी बात जो मैं कभी बोल नहीं पाया तुझसे - आई लव यू।

भाभी!
भाभी मैं तुमसे भी माफी मांगता हूं। हर्षा के लिए मैंने तुमसे भी गलत बात की। तुमसे विनती है कि कभी भैया और मम्मी को दुखी मत होने देना।

अनिरुद्ध-अक्षत! (भतीजे)
तुम दोनों के बारे में लिखूंगा तो लिखते-लिखते पूरी रात खत्म हो जाएगी। प्लीज दोनों में से कोई भी मेरी तरह मत बनना। दोनों पापा जैसा बनना।
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