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Love Story: मनावर की तबस्सुम ने ऑस्ट्रेलिया के ऐश से की शादी, विदेशी दूल्हे को घोड़ी पर देख हैरान हुए लोग
Tue, 20 Dec 2022 10:24 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 20 Dec 2022 10:24 AM IST
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ऑस्ट्रेलिया के ऐश से मनावर की तबस्सुम की शादी
- फोटो : अमर उजाला
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प्यार अगर सच्चा हो तो दूरियां कम हो जाती हैं। प्यार की एक ऐसी ही सच्ची दास्तां मध्यप्रदेश के धार जिले के मनावर में देखने को मिली, जहां दो प्यार करने वाले लोगों ने मीलों के फासलों को कम कर एक दूसरे के साथ रहने की कसमें खाईं। मनावर में हुई यह शादी खूब सुर्खियां बटोर रही है। प्यार की इस दास्तां को सुनकर आपका दिल भी खुश हो जाएगा। आइए आपको मोहब्बत की पूरी दास्तां सुनाते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में कोर्ट मैरिज के बाद भारत में किया निकाह
- फोटो : सोशल मीडिया
कैसे शुरू हुई लव स्टोरी
दरअसल तबस्सुम हुसैन स्कॉलरशिप मिलने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए ब्रिसबेन गई थी। इस दौरान ऐश और तबस्सुम दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। ऐश तबस्सुम के सीनियर थे। पढ़ाई के दौरान दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। जब परिवार के अन्य सदस्यों को दोनों के बारे में पता चला तो सभी काफी खुश हुए, जिसके बाद दोनों ने 2 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया में कोर्ट मैरिज की। शादी के बाद जब ऐश भारत घूमने आए, तो वे यहां की संस्कृति और रीति रिवाजों से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुसार शादी करने का फैसला किया। ऐश अपनी मां जेनिफर पैरी के साथ शादी करने मनावर आए थे। तबस्सुम के परिवार में माता-पिता, तीन बहन और दो भाई हैं। इसमें से दो बहनों की शादी हो चुकी है। वहीं ऐश के परिवार में उनकी मां जेनिफर पैरी है। तबस्सुम ने कहा कि जब ऐश ने उन्हें प्रपोज किया तो वह इनकार नहीं कर सकी और शादी कर हम एक हो गए। 21 दिसंबर को ऐश के साथ तबस्सुम ऑस्ट्रेलिया चली जाएंगी।
विदेशी दूल्हे को भाया पोहा-जलेबी
ऑस्ट्रेलिया से मनावर पहुंचे ऐश को निमाड़ का खाना बहुत पसंद आया। उन्होंने कहा कि मुझे पोहा-जलेबी और दाल-बाफले बहुत अच्छे लगे। भारत में खाने का स्वाद काफी अच्छा है। बाकी भोजन का भी स्वाद लेंगे। ऐश कई देशों की सैर कर चुके हैं। उनकी भारत की ये दूसरी यात्रा है। उन्होंने कहा कि भारत सबसे जिंदादिल, रंग भरा और सबसे खूबसूरत देश है। उन्होंने मनावर को सबसे ज्यादा स्वागत और प्यार करने वाला शहर बताया।
दरअसल तबस्सुम हुसैन स्कॉलरशिप मिलने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए ब्रिसबेन गई थी। इस दौरान ऐश और तबस्सुम दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। ऐश तबस्सुम के सीनियर थे। पढ़ाई के दौरान दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। जब परिवार के अन्य सदस्यों को दोनों के बारे में पता चला तो सभी काफी खुश हुए, जिसके बाद दोनों ने 2 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया में कोर्ट मैरिज की। शादी के बाद जब ऐश भारत घूमने आए, तो वे यहां की संस्कृति और रीति रिवाजों से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुसार शादी करने का फैसला किया। ऐश अपनी मां जेनिफर पैरी के साथ शादी करने मनावर आए थे। तबस्सुम के परिवार में माता-पिता, तीन बहन और दो भाई हैं। इसमें से दो बहनों की शादी हो चुकी है। वहीं ऐश के परिवार में उनकी मां जेनिफर पैरी है। तबस्सुम ने कहा कि जब ऐश ने उन्हें प्रपोज किया तो वह इनकार नहीं कर सकी और शादी कर हम एक हो गए। 21 दिसंबर को ऐश के साथ तबस्सुम ऑस्ट्रेलिया चली जाएंगी।
विदेशी दूल्हे को भाया पोहा-जलेबी
ऑस्ट्रेलिया से मनावर पहुंचे ऐश को निमाड़ का खाना बहुत पसंद आया। उन्होंने कहा कि मुझे पोहा-जलेबी और दाल-बाफले बहुत अच्छे लगे। भारत में खाने का स्वाद काफी अच्छा है। बाकी भोजन का भी स्वाद लेंगे। ऐश कई देशों की सैर कर चुके हैं। उनकी भारत की ये दूसरी यात्रा है। उन्होंने कहा कि भारत सबसे जिंदादिल, रंग भरा और सबसे खूबसूरत देश है। उन्होंने मनावर को सबसे ज्यादा स्वागत और प्यार करने वाला शहर बताया।
ऐश, तबस्सुम और ऐश की मां जेनिफर
- फोटो : सोशल मीडिया
साइकिल रिपेयरिंग शॉप चलाते हैं तबस्सुम के पिता
मनावर की पटेल कॉलोनी निवासी तबस्सुम के पिता सादिक हुसैन बस स्टैंड पर छोटी सी साइकिल सुधारने की दुकान चलाते हैं। उन्हें 2016 में मप्र सरकार से तबस्सुम को उच्च शिक्षा अध्ययन के लिए 45 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली थी। इसके सालभर बाद 2017 में तबस्सुम पढ़ाई करने ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन चली गई। यहां साल 2020 में जर्मनी की एक कंपनी से उसे स्कॉलरशिप के रूप में करीब 74 लाख रुपये मिले। फिलहाल तबस्सुम इसी कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत है।
मनावर की पटेल कॉलोनी निवासी तबस्सुम के पिता सादिक हुसैन बस स्टैंड पर छोटी सी साइकिल सुधारने की दुकान चलाते हैं। उन्हें 2016 में मप्र सरकार से तबस्सुम को उच्च शिक्षा अध्ययन के लिए 45 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली थी। इसके सालभर बाद 2017 में तबस्सुम पढ़ाई करने ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन चली गई। यहां साल 2020 में जर्मनी की एक कंपनी से उसे स्कॉलरशिप के रूप में करीब 74 लाख रुपये मिले। फिलहाल तबस्सुम इसी कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत है।
