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MP: सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करने वाले विजय शाह के ध्वज फहराने पर क्यों मचा बवाल? कांग्रेस इस बात से है खफा
Mon, 26 Jan 2026 07:31 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 26 Jan 2026 07:31 PM IST
सार
Vijay Shah: कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में घिरे मंत्री विजय शाह के गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला। कांग्रेस ने इसे संविधान का अपमान बताया, जबकि भाजपा ने अदालत के निर्देशों का पालन करने का दावा किया।
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मंत्री विजय शाह पर कांग्रेस फिर हुई हमलावर
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश में भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंत्री विजय शाह द्वारा तिरंगा फहराए जाने के बाद कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि अदालतों की फटकार के बावजूद विजय शाह को न सिर्फ मंत्रिमंडल में बनाए रखा गया, बल्कि उन्हें गणतंत्र दिवस जैसे पावन अवसर पर ध्वज फहराने की जिम्मेदारी भी दी गई, जो संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान है।
खंडवा में ध्वज फहराने के दौरान मंत्री विजय शाह
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद विजय शाह को तत्काल मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए था। इसके बजाय भाजपा ने उन्हें गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने दिया। यह संविधान को चुनौती देने जैसा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा अब पूरी तरह बेशर्म पार्टी बन चुकी है। विजय शाह के खिलाफ जो भी कार्रवाई दिखाई जा रही है, वह केवल औपचारिकता है। राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को कई मामलों में स्वतः संज्ञान लेना पड़ रहा है।
भाजपा ने क्या कहा
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कांग्रेस के आरोपों पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर केवल शुभकामनाओं और बधाइयों को स्वीकार किया जाना चाहिए।
भाजपा की ओर से राज्य मीडिया सेल प्रभारी आशीष अग्रवाल ने विजय शाह का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय के संज्ञान में है और अदालत के निर्देशों के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस के दबाव में कोई कदम नहीं उठाया जा सकता।
ये भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस आयोजन के लिए मंत्रियों के जिले बदले, रतलाम में विजय शाह की जगह काश्यप फहराएंगे ध्वज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद विजय शाह को तत्काल मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए था। इसके बजाय भाजपा ने उन्हें गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने दिया। यह संविधान को चुनौती देने जैसा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा अब पूरी तरह बेशर्म पार्टी बन चुकी है। विजय शाह के खिलाफ जो भी कार्रवाई दिखाई जा रही है, वह केवल औपचारिकता है। राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को कई मामलों में स्वतः संज्ञान लेना पड़ रहा है।
भाजपा ने क्या कहा
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कांग्रेस के आरोपों पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर केवल शुभकामनाओं और बधाइयों को स्वीकार किया जाना चाहिए।
भाजपा की ओर से राज्य मीडिया सेल प्रभारी आशीष अग्रवाल ने विजय शाह का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय के संज्ञान में है और अदालत के निर्देशों के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस के दबाव में कोई कदम नहीं उठाया जा सकता।
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मंत्री विजय शाह और कर्नल सोफिया कुरैशी
- फोटो : अमर उजाला
विजय शाह मीडिया से बचते दिखे
खंडवा में जब मीडिया ने विजय शाह से इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया चाही, तो वह गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बिना कोई जवाब दिए वहां से चले गए।
क्या था मामला
उल्लेखनीय है कि विजय शाह पर आरोप है कि उन्होंने 12 मई 2025 को इंदौर जिले के रायकुंडा गांव में ‘हलमा’ कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। यह मामला सामने आने के बाद हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान पर उनके खिलाफ मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 152, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में विजय शाह ने अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा था कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का सम्मान अपनी बहन से भी अधिक करते हैं। हालांकि, 28 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक रूप से माफी दर्ज न कराने पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी और कहा था कि वह अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। अब गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने के बाद यह मामला एक बार फिर सियासी गरमाहट का केंद्र बन गया है।
खंडवा में जब मीडिया ने विजय शाह से इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया चाही, तो वह गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बिना कोई जवाब दिए वहां से चले गए।
क्या था मामला
उल्लेखनीय है कि विजय शाह पर आरोप है कि उन्होंने 12 मई 2025 को इंदौर जिले के रायकुंडा गांव में ‘हलमा’ कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। यह मामला सामने आने के बाद हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान पर उनके खिलाफ मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 152, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में विजय शाह ने अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा था कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का सम्मान अपनी बहन से भी अधिक करते हैं। हालांकि, 28 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक रूप से माफी दर्ज न कराने पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी और कहा था कि वह अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। अब गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने के बाद यह मामला एक बार फिर सियासी गरमाहट का केंद्र बन गया है।
