संवेदनशील दांतों की देखभाल जरूरी, रेड वाइन समेत इन फलों से करें परहेज
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ठंड से होने वाली संवेदनशीलता बहुत कम समय के लिए और कभी-कभी ही होती है, लेकिन दर्द अगर दांतों के आसपास एक सीमित क्षेत्र तक बना रहे तो यह माइक्रोक्रेक, फिलिंग के निकलने और केविटी का संकेत हो सकता है। यदि आपके दांत गर्माहट के प्रति संवेदनशील हैं, आप चबाने में दबाव महसूस करते हैं तो आपको डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है। हो सकता है कि यह इन्फेक्शन की शुरुआत हो।
दिनभर माउथवॉश का इस्तेमाल ठीक नहीं है। इससे मुंह में छाले हो सकते हैं। माउथ क्लीनर्स संवेदनशील दांतों को खराब कर देता है। इसके अलावा आपको ब्रश करने का तरीका बदलने की जरूरत है। जोर से रगड़कर ब्रश न करें, इससे चमक चली जाएगी। अपने चमकदार सफेद दांतों पर हल्के हाथों से आराम से ब्रश करें।
रेड वाइन, सोडा, खट्टे फल और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थ छोड़ दें। ड्रिंक करना ही चाहते हैं तो स्ट्रॉ का इस्तेमाल करें। ताकि इसमें मौजूद एसिड पूरे मुंह में न फैले। खाना खाने के बाद गर्म पानी से 2-3 मिनट तक कुल्ला करें। इसके अलावा कम से कम दो बार ब्रश करें। हर तीन से चार माह में टूथ ब्रश बदलें, यदि इससे पहले ब्रिस्ट फैल जाएं तो भी बदल दें। यदि क्राउन लगा है या दांतों के बीच गैप है तो डेंटल फ्लॉस का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए इंटरडेंटल ब्रश का इस्तेमाल करना चाहिए। हर छह माह पर दांतों की जांच जरूरी है। इस बात का ध्यान रखें कि खाना दांत में फंसे नहीं। कभी-कभी संवेदनशीलता दांतों की वजह से ही नहीं बल्कि मसूड़ों की खराबी से होती है, इसलिए जांच जरूरी होती है।