लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इनमें हबीबुल हसन की अलग पहचान है। कवि होने के नाते बातचीत में मधुरता और इंसानियत से उन्होंने लोगों का विश्वास जीतकर पूरे जिले में नेटवर्क फैलाया। राजधानी में पुलिस उपाधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर लंबी तैनाती रही।
कुछ अलग ही था इन अफसर का अंदाज, विश्वास जीतकर फैलाया नेटवर्क, गलती पर माफी मांगकर हैरत में डाला
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करीब 15 साल पहले सीओ बाजार खाला के पद पर तैनाती के दौरान हबीबुल हसन की बातचीत के लखनवी अंदाज से लोग उनसे जुड़ने लगे। अपराधियों पर कार्रवाई के वक्त सख्त पुलिस अफसर और कवि होने के नाते नागरिकों से बातचीत में मधुरता उनकी पहचान बनने लगी। कुछ ही दिनों में लोग बेझिझक गोपनीय सूचना देने लगे। पारा क्षेत्र से लापता युवक की तलाश में पुलिस हार मान चुकी थी। नागरिकों से सीधे जुड़े हबीबुल हसन को पता चला कि युवक की हत्या कर शव दफनाने के बाद उस पर कमरे का निर्माण कराया जा चुका है। मजिस्ट्रेट से अनुमति लेकर मौके पर पहुंचे। फर्श तोड़कर गड्ढा खोदा गया तो युवक का कंकाल मिला।
इस खुलासे से आला अफसर उनके नेटवर्क की सराहना करने लगे। बाजार खाला में फोटोग्राफर की गला रेतकर हत्या के चंद घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी से चर्चित हुए। माज हत्याकांड में क्राइम ब्रांच के निरीक्षक संजय राय को सलाखों के पीछे भेजने में अहम भूमिका निभाई। निवेशकों के पांच सौ करोड़ हड़पने के आरोपी मैग्नम इंफ्रा कंपनी के संचालकों पर 72 मुकदमे दर्ज कराने के साथ विवेचना पर सीधी नजर रखी। आरोपियों से साठगांठ किए पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। उससे मिलकर खेद जताने की ठानी, लेकिन कुछ दिनों बाद तबादला हो गया।
गलती पर माफी मांगकर हैरत में डाला
पुराने शहर में दो पक्षों के बीच बवाल से कानून व्यवस्था छिन्नभिन्न होती देख हबीबुल हसन ने पुलिस व पीएसी को साथ लेकर धरपकड़ शुरू की। पता चला कि एक परिवार के बच्चों के कारण बवाल हुआ। गुस्साए हबीबुल हसन ने बच्चों के पिता को हिरासत में लेकर काफी कुछ कह डाला। हालात सामान्य होने पर हबीबुल हसन को बच्चों के पिता से किया गया व्यवहार कचोटता रहा।