एक के हाथ जन्म से ही अविकसित रह गए तो दूसरी के दोनों हाथ एक एक्सीडेंट ने छीन लिए। जीवन की इस सबसे बड़ी कमी को दोनों ने अपनी ताकत बनाया और खुद को एक मुकाम तक पहुंचाने में कामयाब रहीं। ये शक्ति स्वरूपा हैं नेहरू युवा केंद्र लखनऊ की जिला युवा समन्वयक पुष्पा और एकेटीयू की ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर रानी वर्मा।
इन युवतियों ने नहीं मानी हार, जीवन की सबसे बड़ी कमी को बनाया अपनी ताकत और पहुंचीं इस मुकाम पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 02 Oct 2019 04:43 PM IST
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