भूख न लगना, कई लोगों में एक सामान्य समस्या देखी गई है, हालांकि यह समस्या इतनी सामान्य नहीं है। भूख न लगने से भोजन की इच्छा नहीं होती है जिससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो पाती है। इस स्थिति में न सिर्फ आप कमजोर हो सकते हैं, साथ ही कई तरह की बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि पहले से ही कई अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी लोगों को भूख में कमी महसूस होने लगती है, ऐसे में इस लक्षण पर सावधानी से ध्यान देने की आवश्यकता है। कभी-कभी सर्जरी, दवाइयों के दुष्प्रभाव, बीमारी और कैंसर जैसी गंभीर समस्या भी भूख कम लगने का कारण बन सकती है।
आज का योग: क्या आप भी भूख न लगने की समस्या से हैं परेशान? दिनचर्या में इन योगासनों को शामिल करके पाइए लाभ
बद्धकोणासन (बटरफ्लाई पोज)
भूख बढ़ाने, पाचन को ठीक करने और कब्ज को दूर करने के लिए नियमित रूप से बटरफ्लाई पोज का अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। पेट की समस्याओं को ठीक करने के साथ चर्बी को कम करने से लेकर गठिया, पीठ दर्द, हृदय रोग, बवासीर जैसी कई समस्याओं में भी इस योगासन के फायदे हो सकते हैं। जिन लोगों को अक्सर तनाव की समस्या रहती है उनके लिए भी इस आसन का अभ्यास करना फायदेमंद माना जाता है।
पवनमुक्तासन योग
पवनमुक्तासन योग का अभ्यास पेट की लगभग सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। भूख को नियंत्रित करने में भी इसे विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है। जिन लोगों को अक्सर एसिडिटी की समस्या होती है, उन्हें भूख कम लगने और पेट से संबंधित समस्याओं का जोखिम हो सकता है। पवनमुक्तासन योग का नियमित रूप से अभ्यास करना इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकता है।
बालासन योग
बालासन या चाइल्ड पोज का अभ्यास कई तरह से आपके लिए लाभदायक हो सकता है। पेट की समस्याओं को दूर करने के साथ कमर और रीढ़ के तनाव-दर्द को कम करने और मस्तिष्क की तंत्रिताओं को आराम देने में इसके लाभ पाए गए हैं। बालासन योग का अभ्यास उन लोगों के लिए भी काफी कारगर माना जाता है जिनको सामान्य से कम भूख लगती है। यह आसन इस समस्या से आसानी से छुटकारा दिलाने में आपके लिए सहायक हो सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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