माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल विकार है, जिसके मामले पिछले कुछ समय से काफी बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। माइग्रेन की स्थिति में सिर और आंखों में तेज दर्द होता है, कुछ स्थितियों में इसके कारण सामान्य रूप से कामकाज करने तक में भी दिक्कत हो सकती है। आमतौर पर यह सिर के केवल आधे हिस्से में ही होता है।
Yoga Tips: माइग्रेन-सिरदर्द की समस्या में काफी फायदेमंद हैं ये योगासन, रोजाना अभ्यास से पा सकते हैं लाभ
सेतुबंधासन योग का अभ्यास
सेतुबंधासन योग या ब्रिज पोज के नियमित अभ्यास को कमर-पीठ की समस्याओं के साथ माइग्रेन की दिक्कतों को दूर करने वाला भी माना जाता है। यह योग मस्तिष्क को शांत करने के साथ चिंता-तनाव को कम करने और माइग्रेन को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को नियंत्रित करने में विशेष लाभकारी हो सकता है। माइग्रेन की समस्या को कम करने के साथ पेट, फेफड़े और थायरॉयड अंगों को उत्तेजित करने और रीढ़ की समस्याओं को कम करने में भी इस योग के लाभ देखे गए हैं।
चाइल्ड पोज
चाइल्ड पोज या बालासन को तंत्रिका तंत्र को शांत करने वाला अभ्यास माना जाता है। माइग्रेन के दर्द को प्रभावी ढंग से कम करने में इसे काफी लाभदायक माना जाता है। योग विशेषज्ञों का कहना है कि चाइल्ड पोज मुद्रा आपके मन को शांत करके चिंता और थकान को कम करने में मदद करती है, जिससे माइग्रेन और इसके कारण होने वाले सिरदर्द में काफी लाभ मिल सकता है।
पश्चिमोत्तानासन योग के फायदे
माइग्रेन की समस्या को कम करने में पश्चिमोत्तानासन योग या सिटेड फॉरवर्ड बेंड योग काफी लाभकारी हो सकता है। मस्तिष्क को शांत करने और तनाव से राहत दिलाने में इस योग का नियमित अभ्यास आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। सिरदर्द की समस्या से छुटकारा दिलाने और माइग्रेन को ट्रिगर करने वाली समस्याओं को कम करने में पश्चिमोत्तानासन योग के नियमित अभ्यास की आदत आपके लिए फायदेमंद हो सकती है।
------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।