Yoga Tips: माधुरी दीक्षित, भाग्यश्री, तब्बू समेत बॉलीवुड में कई अभिनेत्रियां हैं जो अपनी उम्र से काफी जवां और फिट दिखती हैं। 50 साल की उम्र पार कर चुके अभिनेता भी ऊर्जावान और सेहतमंद दिखते हैं। उनकी इस जवान त्वचा और कम उम्र के दिखने के पीछे का कारण मेकअप नहीं, लेकिन अच्छी डाइट और व्यायाम व योग है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए पौष्टिक आहार के साथ ही योगासन बहुत लाभकारी होता है। योग एकाग्रता को बढ़ाता है। शरीर को ऊर्जावान और कई बीमारियों से दूर रखता है। 50 साल की उम्र में भी जवान दिखने के लिए नियमित कुछ योगासनों का अभ्यास करना असरदार हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर कमजोर, हड्डियों में कमजोर, दर्द और अकड़न होने लगती है। स्वास्थ्य संबंधी शिकायत बढ़ने लगती है और असर चेहरे पर भी दिखने लगता है। इन लक्षणों से दूर रहने के लिए 50 साल के बाद कुछ योगासनों का नियमित अभ्यास करना चाहिए। आइए जानते हैं 50 साल की उम्र के लोगों के लिए योग।
Yoga Tips: 50 की आयु के बाद करें इन योगासनों का अभ्यास, बढ़ती उम्र के साथ होने वाली बीमारियों से रहेंगे दूर
त्रिकोणासन
इस योग को करने के लिए मैट पर सीधा खड़े होकर अपने दोनों पैरों को जितना हो सके दूरी पर रखें। फिर दोनों हाथों को कंधों की सीध में रखकर एक हाथ की उंगलियों से उसी तरफ के पैर के अंगूठे को छूने का प्रयास करें। इस मुद्रा में दो-तीन मिनट रखने के बार पुन: वाली अवस्था में धीरे धीरे आ जाएं। इस प्रक्रिया को दूसरी ओर से दोहराएं।
शलभासन
50 वर्ष की आयु के बाद वाले लोग शलभासन का नियमित अभ्यास कर सकते हैं। शलभासन करने के लिए मैट पर पेट के बल लेट कर दोनों हाथों को जांघों के पीछे की ओर ले जाएं। लंबी सांस लेते हुए सिर के साथ अपने दोनों पैरों और गर्दन को धीरे से ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान पेट जमीन पर ही रखें। कुछ मिनट इसी मुद्रा में रहने के बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं। इस आसन को 10-12 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सीधे लेट कर धीरे से श्वास छोड़ते हुए पैरों को मोड़ लें और पेट के पास ले जाएं। अब पेट पर दबाव बनाएं। इस दौरान सामान्य श्वास लेते रहे और फिर धीरे से आसन से पुन: वाली स्थिति में आ जाएं।
मकरासन
यह आसन बढ़ती उम्र के लोगों के साथ ही सभी के लिए उपयोगी है। मकरासन करने के लिए पेट के बल लेट कर शरीर को ढीला छोड़ दें। इस दौरान सामान्य तरह से सांस को अंदर और बाहर छोड़ें। ध्यान रखें कि इस आसन में सोना नहीं है, बल्कि सांसों पर ध्यान केंद्रित करना है। यह आसन एकाग्रता बढ़ाने के साथ ही डायबिटीज और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए असरदार है।