नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक माना जाता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ सभी आयुवर्ग के लोगों को नियमित रूप से योगासनों के अभ्यास की सलाह देते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोगों को अपनी सहनशक्ति के आधार पर रोजाना योगासनों का अभ्यास जरूर करना चाहिए। विशेषतौर पर 50 साल से अधिक की आयु वाले लोगों के लिए नियमित अभ्यास कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कम करने में सहायक माना जाता है।
आज का योग: बुजुर्गों को जरूर करना चाहिए इन योगासनों का अभ्यास, कई तरह की स्वास्थ्य जटिलताओं में मिलेगा लाभ
अधोमुख शवासन योग
योग विशेषज्ञों के मुताबिक सभी आयुवर्ग के लोगों को अधोमुख शवासन योग का नियमित अभ्यास जरूर करना चाहिए। विशेषकर उम्र बढ़ने के साथ होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं को कम करने में इसके काफी लाभ माने जाते हैं। यह योग मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है जिससे दिमाग तेज होता है और उम्र के साथ होने वाली याददाश्त जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है। तनाव के स्तर को कम करने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
माउंटेन पोज का कीजिए अभ्यास
माउंटेन पोज या ताड़ासन योग को सीनियर्स के लिए बहुत ही लाभकारी आसनों में से एक माना जाता है। यह शरीर के पोस्चर में सुधार करने के साथ जांघों और टखनों को मजबूत करता है, जिससे उम्र के साथ अंगों में आने वाली कमजोरी की समस्या को कम किया जा सकता है। इसके अलावा बुजुर्गों में पीठ और कमर दर्द की भी समस्या काफी आम है, इस योगासन की मदद से इन दर्द को भी दूर रखने में मदद मिल सकती है।
भुजंगासन योग माना जाता है फायदेमंद
भुजंगासन योग का अभ्यास वरिष्ठजनों के पेट के अंगों को उत्तेजित करके कब्ज से लड़ने में मदद करता है। यह पीठ और पैरों को मजबूती देने के साथ हृदय और फेफड़ों को भी स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है। बुजुर्गों को होने वाली कई तरह की दिक्कतों को कम करने में इस योग के अभ्यास के लाभ हो सकते हैं। शरीर के लचीलेपन को भी बढ़ावा देने में इस आसन के अभ्यास को कारगर माना जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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