आप भी बचपन से ही सुनते आ रहे होंगे, ''उन्हीं लोगों को स्वस्थ माना जा सकता है जिनका पाचन हमेशा ठीक रहता है।'' पाचन तंत्र, कई अंगों का एक समूह है जो भोजन को पचाने और तमाम प्रकार के पोषक तत्वों को इकट्ठा करके शरीर को ऊर्जा देता है। पाचन तंत्र भोजन और तरल पदार्थों से कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और विटामिन आदि को एकत्रित करके शरीर की आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। अब अगर किसी को पाचन तंत्र से संबंधित समस्या हो तो सोचिए उसका जीवन कितना कठिन हो सकता है?
सलाह: इन योगासनों से होता है पाचन में सुधार, पेट की दिक्कतों के लिए बेहद फायदेमंद
पद्मासन योग के है लाभ
योग विशेषज्ञ बताते हैं, पाचन संबंधी समस्याओं को ठीक करने में पद्मासन योग करने से विशेष लाभ मिल सकते हैं। इस योग को करने के लिए सबसे पहले पैरों को एक दूसरे पर रखते हुए चटाई पर बैठ जाएं, इस दौरान रीढ़ को एकदम सीधी रखें। अब अपने दोनों हाथों को ज्ञान मुद्रा में लाएं और उन्हें अपने घुटनों पर रखें। इस मुद्रा में लंबी सांस लें और छोड़ें। इस आसन को करने से आपको लाभ मिल सकता है।
शलभासन योग के फायदे
पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए शलभासन योग का अभ्यास भी फायदेमंद हो सकता है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले चटाई पर पेट के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथों को कमर के पास रखें। अब गहरी सांस लेते हुए अपने दाएं पैर को ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान घुटनों को मोड़े नहीं, अब दाएं पैर को नीचे रखें। इसी प्रक्रिया को अपने बांये पैर के साथ दोहराएं। इस प्रकिया को करते समय हाथों को स्थिर रखें। अब सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। इस आसन का अभ्यास रोजाना चार-दस मिनट तक कर सकते हैं।
बालासन योग पेट के लिए फायदेमंद
बालासन यानी चाइल्ड पोज पेट के लिए सबसे फायदेमंद आसनों में से एक है। रोजाना खाली पेट सुबह इस आसन का अभ्यास तमाम बीमारियों में राहत देता है। इस योगाभ्यास को करने के लिए मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं। अब श्वास अंदर लेते हुए दोनों हाथों को सीधा सिर के उपर उठा लें। श्वास बाहर छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और हथेलियों और सिर को ज़मीन पर टिकाएं। लंबी श्वास अंदर लें और बाहर छोड़ें। दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ते हुए सिर को दोनों हथेलियों के बीच में धीरे से रखें। रोजाना इस अभ्यास को करें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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