तेजी से दौड़ती-भागती इस जिंदगी में सेहत का ख्याल रखना हमारे लिए बहुत आवश्यक है। दैनिक जीवन की कई गड़बड़ आदतों के कारण अंगों में दर्द और तनाव की समस्या बढ़ गई है। कुछ स्थितियों में यह गंभीर समस्याओं को भी जन्म दे सकती है, जिसके कारण आपके सामान्य जीवन का काम भी कठिन हो जाता है। गर्दन में होने वाले दर्द की समस्या ऐसी ही है, जिससे ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं। टेलीविजन, लैपटॉप या डेस्कटॉप के सामने लंबे समय तक बैठने आदत ने इस समस्या को काफी बढ़ा दिया है। गर्दन के लंबे समय तक एक ही स्थिति में बने रहने के कारण दर्द और अकड़न की समस्या होना काफी आम बात है।
आज का योग: गर्दन के दर्द से राहत दिलाने में ये योगासन हैं फायदेमंद, समय के साथ बढ़ रही है यह समस्या
मार्जरी आसन
मार्जरी आसन या चाइल्ड पोज योग का अभ्यास गर्दन की समस्याओं से राहत दिलाने में आपकी मदद कर सकती है। सामान्यतौर पर इस योगाभ्यास को पीठ और पेट के लिए फायदेमंद माना जाता है, पर इस अभ्यास के दौरान गर्दन की भी स्ट्रेचिंग हो जाती है। मार्जरी आसन के नियमित अभ्यास से गर्दन के तनाव, अकड़न और दर्द को दूर करने में मदद मिल सकती। यह अभ्यास दर्द को कम करने के साथ लचीलेपन को बढ़ावा देता है।
शवासन योग
गर्दन के दर्द की रोकथाम के लिए कोबरा पोज़ बहुत अच्छा अभ्यास है, यह गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है। मजबूत मांसपेशियां लंबे समय तक गर्दन के दर्द को रोकने में मदद करती हैं। पेट के बल लेटकर छाती को ऊपर उठाने की स्थिति में गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है, जिससे इन मांसपेशियों का सक्रियता बढ़ती है और तनाव कम होता है। शवासन योग का अभ्यास गर्दन के दर्द और अकड़न से राहत दिलाने में काफी फायदेमंद है।
नटराजसन योग
नटराजसन (रेक्लाइनिंग ट्विस्ट) पोज शारीरिक मुद्रा में सुधार करने के साथ रीढ़ को फैलाने, मांसपेशियों के तनाव को कम करने, गर्दन के दर्द से राहत दिलाने और मन को शांत करने के लिए काफी फायदेमंद है। गर्दन के साथ यह योग आपके कंधे, पीठ, हाथ और पैरों को भी मजबूत बनाता है। इस आसन को मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन घटाने में भी मददगार माना जाता है। शरीर के लिए इस योग का अभ्यास कई तरह से लाभप्रद हो सकता है।
------------------------
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।