आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि हर समय इसे सुरक्षित और स्वस्थ रखने के प्रयास किए जाते रहें। आंखें, हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं पर हम अक्सर उनकी देखभाल करना भूल जाते हैं। यही कारण है कि उम्र बढ़ने के साथ आंखों की तमाम बीमारियां और रोशनी में कमी की समस्या होनी शुरू हो जाती है। छोटे बच्चों में बढ़ती आंखों की समस्या काफी चिंताजनक है। हमारे जीवनशैली की कुछ गड़बड़ आदतें आंखों के लिए मुश्किलें बढ़ाती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हम सभी को हमेशा आंखों की सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी है।
Yoga Tips: आंखों को सेहतमंद रखने-रोशनी बढ़ाने के लिए कौन से योग करें? जानिए क्या है विशेषज्ञों की सलाह
अनुलोम-विलोम प्राणायाम से मिलता है लाभ
प्राणायाम के दैनिक अभ्यास की आदत संपूर्ण शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकती है। विशेषरूप से अनुलोम-विलोम प्राणायाम के अभ्यास की आदत अवरुद्ध ऊर्जा चैनलों (नाड़ियों) को साफ करने है और मन को शांत करने में सहायक है। अनुलोम-विलोम प्राणायाम तंत्रिकाओं को राहत दिलाने के साथ दृष्टि में सुधार करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए फायदेमंद माना जाता है। नियमित रूप से प्राणायाम के अभ्यास से शरीर-मन को कई तरह के लाभ हो सकते हैं।
हलासन योग के लाभ
हलासन योग के अभ्यास की आदत पीठ-कमर से लेकर रक्त के परिसंचरण को ठीक बनाए रखने के लिए लाभकारी मानी जाती है। हलासन योग, शरीर के ऊपरी हिस्से में रक्त के संचार को बढ़ावा देने में मदद करता है, जिससे आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है। इस योग के नियमित अभ्यास से वृद्धावस्था तक आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हलासन योग की आदत, तंत्रिका तंत्र को शांत करने और इससे संबंधित विकारों के जोखिम को कम करने में भी लाभकारी मानी जाती है।
सर्वांगासन योग की बनाएं आदत
सर्वांगासन भी उन योगाभ्यासों में से एक है जिसके अभ्यास की आदत बनाकर शरीर के ऊपरी हिस्सों में रक्त के संचार को ठीक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इस योग के अभ्यास से मस्तिष्क और ऑप्टिक नर्व्स में रक्त परिसंचरण को बढ़ावा मिलता है। आंखों को आराम देने के साथ मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए सर्वांगासन योग की आदत बनाना आपके लिए मददगार हो सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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