Yoga Asanas for Acidity Relief: गैस व एसिडिटी की समस्या आम है, हालांकि कई बार यह स्थिति गंभीर हो जाती है। खराब जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण पेट संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। एसिडिटी या गैस की समस्या से राहत पाने के लिए कई बार लोग दवाओं का सहारा लेते हैं। हालांकि दवाओं से लंबे समय तक पेट संबंधित बीमारियों का इलाज नहीं करना चाहिए।
Yoga Tips: एसिडिटी की समस्या से हैं परेशान तो करें इन योगासनों का अभ्यास, पेट की अन्य समस्याएं होंगी दूरी
वज्रासन
भोजन को पचाने के लिए और गैस व एसिडिटी की संभावना को कम करने के लिए वज्रासन असरदार है। वज्रासन योग पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। कब्ज, एसिडिटी, बवासीर, आंतों की गैस आदि के ठीक रखने के लिए वज्रासन योग कर सकते हैं।
वज्रासन करने के लिए घुटनों के बल बैठकर दोनों पैरों की उंगलियां एक साथ रखें और एड़िया अलग रखें। सिर और पीठ को सीधा रखते हुए घुटनों को आपस में जोड़ लें। आंख बंद करके सामान्य रूप से सांस लें और कम से कम 10 मिनट तक बैठें।
बालासन
एसिडिटी की समस्या को दूर करने के लिए बालासन कर सकते हैं। इस आसन से पेट के अंदरूनी अंगों की अच्छी तरह से मालिश होती है।
इस योग को करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों को सीधा रखते हुए माथा जमीन पर टिकाएं। इसके बाद कमर के ऊपरी हिस्से को आगे की ओर झुकाएं और 30 सेकेंड तक इसी मुद्रा में बने रहें। फिर वज्रासन मुद्रा में वापस आ जाएं।
हलासन
एसिडिटी और गैस की समस्या को दूर करने के लिए हलासन का अभ्यास कर सकते हैं। कब्ज, अपच और अन्य पाचन समस्याओं के लिए हलासन असरदार है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेटकर हथेलियां जमीन की तरफ रखें। सांस भरते हुए अपने पैरों को ऊपर उठाएं और 90 डिग्री का कोण बनाएं। धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए पैरों के पंजों को जमीन से छूने की कोशिश करें। हाथों को कमर से हटाकर जमीन पर सीधा रखें। इस मुद्रा में रहते हुए सामान्य रूप से सांस लें और सामान्य स्थिति में वापस आ जाएं।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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