World Brain Tumor Day 2025 : हर साल विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस 8 जून को मनाया जाता है। मस्तिष्क या उसके आसपास की कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि ब्रेन ट्यूमर का कारण बनती है। एक रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में 10 लाख से अधिक लोग ब्रेन ट्यूमर के साथ जी रहे हैं। ब्रेन ट्यूमर के बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बारे में लोगों को जागरूक करने और बचाव को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल ब्रेन ट्यूमर डे को वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है।
World Brain Tumor Day 2025: ब्रेन ट्यूमर के खतरे को कम कर सकते हैं ये तीन योगासन
World Brain Tumor Day 2025 योग, खासकर कुछ विशेष आसन मस्तिष्क को शांत करने, तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने और शरीर में रक्त संचार को बेहतर करने में मदद करते हैं, जिससे ब्रेन ट्यूमर जैसी बीमारियों के खतरे को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
प्राणायाम
प्राणायाम दिमाग को स्वस्थ रखता है। इसमें विशेषकर अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और कपालभाति प्राणायाम अभ्यास मस्तिष्क की कोशिकाओं को शुद्ध ऑक्सीजन पहुंचाने में सहायक हैं। यह तनाव को कम कर मानसिक शांति देते हैं। तंत्रिका तंत्र को संतुलित करते हैं, जिससे ब्रेन की फंक्शनिंग बेहतर होती है। भ्रमण प्राणायाम का अभ्यास भी कर सकते हैं, जिससे नकारात्मक भावनाएं जैसे क्रोध, झुंझलाहट, निराशा और चिंता से मुक्ति मिल सकती है। वहीं एकाग्रता, स्मृति और आत्म विश्वास में बढ़ावा होता है।
शीर्षासन
यह योगासन मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे दिमाग को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। शीर्षासन ध्यान और एकाग्रता को बेहतर करता है। साथ ही तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है। ध्यान रखें कि यह आसन प्रशिक्षक की देखरेख में ही करें, खासकर यदि आपको ब्लड प्रेशर या सर्वाइकल की समस्या है।
ताड़ासन
इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर की मांसपेशियां लचीली होती हैं। आसन के अभ्यास के दौरान गहरी सांस लेने की वजह से फेफड़ों में फैलाव आता है, जिससे इसकी सफाई होती है। इस आसान को करने से एकाग्रता बनी रहती है और श्वास संतुलित रहती है।
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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