तमाम अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि शरीर को स्वस्थ रखने और प्रतिरक्षा प्रणाली के बढ़ावा देने में योग और मेडिटेशन अत्यंत लाभदायक होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक प्राणायाम ऐसा ही एक अभ्यास है जो शरीर को अदुरूनी शक्ति प्रदान करने के साथ तमाम तरह की गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखता है। विशेषज्ञों के मुताबिक प्राणायाम श्वास नियमन का अभ्यास है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए प्राणायाम काफी लाभदायक हो सकता है। प्राणायाम, संस्कृत के दो शब्दों प्राण और याम से मिलकर बना हुआ है जिसका अर्थ है जीवन ऊर्जा पर नियंत्रण।
आज का योग: प्राणायाम का नियमित अभ्यास है विशेष लाभकारी, इन गंभीर समस्याओं से रहेंगे सुरक्षित
प्राणायाम से सेहत को लाभ
योग विशेषज्ञ बताते हैं, प्राणायाम अपनी सांसों को नियंत्रित करने का एक सबसे प्रभावी उपाय है। प्राणायाम का उद्देश्य शरीर और मन को जोड़ना है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को हटाते हुए शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ाता है। प्राणायाम में सांस लेने की विभिन्न तकनीक शामिल हैं। नादिशोधन, उज्जयी, भ्रामरी, भस्त्रिका ऐसे ही प्राणायाम के विकल्प हैं। साँस लेने के इन व्यायामों का अभ्यास कई तरह से किया जा सकता है। आइए तमाम प्रकार के प्राणायाम से स्वास्थ्य को होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
तनाव कम करने में प्राणायाम के लाभ
साल 2013 के एक अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि प्राणायाम, तनाव के स्तर को कम करने में सहायक होता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि प्राणायाम तंत्रिका तंत्र को शांत करता है, जिससे तनाव प्रतिक्रिया में सुधार होता है। इसके अलावा साल 2013 के एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि जिन बच्चों ने प्राणायाम का अभ्यास किया उन्हें परीक्षा देने से पहले चिंता और तनाव का कम अनुभव हुआ।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक
उच्च रक्तचाप को तमाम प्रकार की बीमारियों का कारक माना जाता है, अध्ययनों से पता चलता है कि प्राणायाम का अभ्यास रक्तचाप को कम करने में सहायक होता है। इससे हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों का जोखिम भी कम हो जाता है। साल 2014 के एक अध्ययन में उच्च रक्तचाप वाले प्रतिभागियों को शामिल किया गया। इनमें कुछ लोगों को उच्चरक्तचाप रोधी दवाएं दी गईं जबकि कुछ को प्राणायाम करने को कहा गया। जिन प्रतिभागियों ने प्राणायाम का अभ्यास किया उनमें रक्तचाप का स्तर 6 सप्ताह में कम पाया गया।
फेफड़ों को स्वस्थ रखने में सहायक
अध्ययनों से पता चलता है कि प्राणायाम का अभ्यास फेफड़ों को मजबूत बनाते हैं। साल 2019 के एक अध्ययन में पाया गया कि 6 सप्ताह तक प्रतिदिन 1 घंटे प्राणायाम का अभ्यास फेफड़ों के कार्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि प्राणायाम का अभ्यास फेफड़ों से संबंधित तमाम गंभीर बीमारियों जैसे अस्थमा, एलर्जिक ब्रोंकाइटिस, निमोनिया और टीबी के खतरे को कम कर सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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