बेहतर फिटनेस के लिए शरीर का लचीलापन बहुत आवश्यक होता है। यह आपको तेजी से चलने, झुकने, बैठने से लेकर शरीर के सभी आवश्यक कार्यों को आसानी से करने में मदद करता है। हालांकि समय के साथ उम्र बढ़ने, गतिहीन जीवनशैली, तनाव या अनुचित मुद्रा के कारण आपका शरीर लचीलापन खो सकता है। ऐसी स्थिति में आपके लिए दैनिक जीवन के कार्यों को कर पाना भी कठिन हो जाता है।
Yoga Tips: शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने में इन योगासनों को माना जाता है फायदेमंद, क्या आप करते हैं इनका अभ्यास?
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मार्जरी आसन योग का अभ्यास
मार्जरी आसन को कैट काऊ पोज के नाम से भी जाना जाता है। यह पीठ और पेट की मांसपेशियों-अंगों की बेहतर मालिश करने के साथ रक्त के संचार को बढ़ाने और दर्द को कम करने में कारगर अभ्यास माना जाता है। मार्जरी आसन योग का नियमित अभ्यास आपके कोर, गर्दन, कंधों और रीढ़ की गतिशीलता और लचीलेपन में सुधार के लिए भी सबसे अच्छा माना जाता है। जिन लोगों के पीठ में दर्द रहता है उनको भी इस योग से आराम मिल सकता है।
धनुरासन योग
धनुरासन योग या बो पोज का अभ्यास शरीर की आवश्यक मांसपेशियों को फैलाने में मदद करता है जिससे बैठने-उठने की समस्या नहीं होती है। धनुरासन योग, आपकी पीठ, छाती, ग्लूट्स और पैरों में मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ाने में मदद कर सकती है। हालांकि जिन लोगों को गर्दन, कंधों या पीठ में दर्द या असुविधा रहती है उन्हें इसके अभ्यास से बचना चाहिए। धनुरासन योग करने के बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
हलासन योग
हलासन योग जिसे प्लो पोज के रूप में जाना जाता है यह भी शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने और पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग के लिए काफी कारगर हो सकती है। गर्दन, कंधों और रीढ़ से अतिरिक्त तनाव को कम करने में भी इसके अभ्यास को मददगार माना जाता है। पीठ से लेकर कंधे और कमर दर्द की समस्या को दूर करने के लिए इस योग के नियमित अभ्यास से लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।