शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए मेटाबॉलिज्म का बेहतर रहना सबसे आवश्यक होता है। मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा शरीर, आपके खाने-पीने की चीजों को ऊर्जा में परिवर्तित करती है। इसमें कमी के कारण शरीर को कार्य करने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा नहीं मिल पाती है। मेटाबॉलिज्म के प्रभावित होने के कारण शरीर पर अन्य कई तरह से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को अपनी जीवनशैली और आहार को इस तरह से व्यवस्थित करना चाहिए, जिससे मेटाबॉलिज्म की दर को बढ़ाया जा सके।
आज की योग: मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने में मददगार हैं ये योगासन, क्या आप करते हैं इनका अभ्यास?
हलासन योग
हलासन योग का नियमित रूप से अभ्यास करना थायरॉयड, अधिवृक्क और पिट्यूटरी ग्रंथियों में रक्त परिसंचरण को बढ़ाने के साथ फील-गुड हार्मोन को बढ़ाने में सहायक है। शरीर के मेटाबॉलिक प्रक्रिय को व्यवस्थित बनाए रखने में भी हलासन योग का नियमित रूप से अभ्यास करना आपके लिए लाभदायक हो सकता है। पीठ के निचले हिस्से और ग्लूट्स को मजबूती देने में भी इस योग को काफी फायदेमंद माना जाता है।
सर्वांगासन का अभ्यास
सर्वांगासन को योग विशेषज्ञ सभी योग में सबसे फायदेमंद मानते हैं। इस मुद्रा के दौरान, रक्त का संचार आपके ऊपरी शरीर बढ़ता है, जिससे आपके दिल और मस्तिष्क को ऑक्सीजन की अच्छी मात्रा वाला रक्त प्राप्त होता है। इस योग का अभ्यास थायरॉयड ग्रंथि को पोषण देने के साथ शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। वजन कम करने की कोशिश में लगे लोगों के लिए भी इस योगासन का अभ्यास करना लाभदायक माना जाता है।
सेतुबंधासन योग है लाभदायक
कमर और पीठ की समस्याओं को कम करने के साथ-साथ शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाए रखने में सेतुबंधासन योग का अभ्यास करना फायदेमंद माना जाता है। इस मुद्रा के दौरान थायरॉयड ग्रंथियां उत्तेजित होतीं हैं उन हार्मोन को रिलीज करती हैं जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में सहायक माने जाते हैं। जिन लोगों को पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या रहती है उनके लिए भी यह योगसान काफी फायदेमंद माना जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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