ऊंची कदकाठी, हमारे व्यक्तित्व को बढ़ावा देने में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। जिन लोगों की ऊंचाई सामान्य से कम होती है उन्हें शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जर्नल प्लोस जेनेटिक्स में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि शरीर की अच्छी ऊंचाई न केवल शारीरिक लाभों तक ही सीमित है बल्कि यह हाई आईक्यू और जीवन के प्रति अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण से भी जुड़ी है। आमतौर पर 20-22 साल तक ऊंचाई बढ़ने की आयु मानी जाती है, और इसके बाद रुक जाती है। पिछले एक दशक में देखा गया है कि पहले की तुलना में लोगों की हाइट कुछ कम हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके लिए जीवनशैली और आहार से संबंधित गड़बड़ी को प्रमुख मानते हैं।
आज का योग: बच्चे की हाइट बढ़ाने का सबसे आसान तरीका, बस इन योगासनों का कराएं अभ्यास
ताड़ासन योग का अभ्यास
योग विशेषज्ञों के मुताबिक बचपन से ही ताड़ासन योग का अभ्यास करने वाले बच्चों में हाइट से संबंधित दिक्कतें कम देखने को मिलती हैं। इस योगासन में शरीर की सभी मांसपेशियों, सिर से पैर तक की स्ट्रेचिंग हो जाती है। यह योगासन शरीर के उन सभी अंगों पर दबाव उत्पन्न करता है जो ग्रोथ हार्मोन के उत्पादन में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ताड़ासन योग का अभ्यास शरीर की मुद्रा और समन्वय में सुधार करने, रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने, कोर मांसपेशियों को टोन करने और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने में भी सहायक है।
वृक्षासन योग
बच्चों की लंबाई बढ़ाने के लिए वृक्षासन योग या ट्री पोज़ का अभ्यास करना काफी लाभदायक हो सकता है। यह आपकी मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है। इसके अलावा, जब गर्दन को ऊपर की ओर झुकाया जाता है, तो पिट्यूटरी ग्रंथि (विकास हार्मोन के उत्पादन के लिए जिम्मेदार) सक्रिय हो जाती है, जो शरीर के विकास में काफी मदद करती है। समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए वृक्षासन योग का अभ्यास करना लाभदायक माना जाता है।
पश्चिमोत्तासन योग का अभ्यास
शरीर की लंबाई को बढ़ावा देने में इस योग के अभ्यास को काफी लाभदायक माना जाता है। इस मुद्रा का अभ्यास, पीठ, जांघ की मांसपेशियों और गर्दन पर दबाव डालता है। शरीर के लचीलेपन को बढ़ावा देने और रीढ़ की हड्डी के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पश्चिमोत्तासन योग का अभ्यास करना फायदेमंद माना जाता है। हर बच्चों को शुरू से ही इस योग के अभ्यास की आदत डलानी चाहिए।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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