गलत खानपान और तनाव भरी जिंदगी में आजकल बहुत सारे लोग दिल की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। वहीं उच्च रक्तचाप की वजह से भी दिल की सेहत पर असर पड़ता है और हार्ट फेल जैसी दिक्कत हो जाती है। हांलाकि इन बीमारियों से निजात मिल सकता है अगर रोजाना योग का सहारा लिया जाए। योग के ये आसन शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही दिल को भी दुरुस्त रखते हैं। तो चलिए जानें कैसे करें इन आसनों को....
दिल की बीमारियों को भगाना है दूर तो नियम से करें ये योगासन, जानिए इसे करने का तरीका
यह आसन शरीर को सही आकर देकर मजबूती तो देता ही है। पर इस आसन की जो खास बात है वह यह है कि यह शरीर की आंतरिक शक्ति को बढाता है, जिसके चलते लंबे समय तक काम करने पर भी थकावट नही होती। इसे करने से जांघों और पेट की चर्बी कम होती है। यह आपके बाजुओं और कंधों को भी टोन करता है। इसे करने के लिए सबसे पहले एक पैर को पीछे की तरफ ले जाएं, वहीं दूसरे पांव को 90 डिग्री एंगल पर खींचे। दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर जोड़ें, बिलकुल एक पहाड़ के जैसे। फिर धीरे धीरे दोनों हाथों को सामने की ओर लाएं और पीछे के पैर को और पीछे खींचे। यहीं क्रिया दोनों पैरों के साथ दोहराएं।
जिन लोगों का शरीर मोटा है उन्हें यह आसन करना चाहिए। इसे करने से पेट अंदर चला जाता है। साथ-साथ कमर दर्द, डिप्रेशन और थाईरा़इड जैसी समस्या भी दूर होती हैं। इस आसन को ब्रिज पोज भी कहते हैं। इसे पीठ के बल लेट कर किया जाता है। सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं, दोनों हाथों को अपनी लंबाई में खींचे। अब धीरे धीरे अपने घुटनों को मोड़ते हुए कमर को ऊपर उठाएं। थोड़ी देर इसी पोजीशन में रहें, फिर नॉर्मल अवस्था में वापस आ जाएं।
त्रिकोणासन का अभ्यास से आपके तनाव में कमी आ सकती है। यह आसन पीठ दर्द से भी मुक्ति दिलाने में बेहद लाभदायक है। करीब 2 हफ्तों तक इस आसन को करने से आपके पीठ का दर्द खत्म हो जाएगा। इतना ही नहीं इस आसन को करने से वजन भी कम होता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों को चौड़ा करके सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद अपनी रीढ़ की हड्डी को मोड़ लें और अपने हाथ को नीचे रख लें। इसके बाद अपना दाहिना हाथ ऊपर कर लें। अब अपने दाहिने हाथ की उंगली को देखें। कुछ देर बाद आप साधरण स्थिति में आ जाएं। अब फिर से निचे झुकते हुए बाएं हाथ के साथ इस आसन को दोहराएं।
शवासन करने के लिए जमीन पर चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने दोनों पैरों को फैलाते हुए पैरों के बीच अंतर लाएं। इस दौरान आपके पैरों के पंजे बाहर की तरफ और एड़ियां अंदर की तरफ होनी चाहिए। अब आप दोनों हाथों को भी शरीर से लगभग एक फिट की दूरी पर रखें। अपनी हाथों की अंगुलियां आकाश की तरफ रखें और गर्दन को सीधा रखें। अब धीरे-धीरे अपनी आंखों को बंद कर लें और धीरे-धीरे सांस खींचें और छोड़ें। अपनी आंखों को बंद कर सांसों पर ध्यान दें और मन में गिनती करते जाएं। एक सांस में एक गिनती करें और ऐसा करते हुए 100 तक गिनती करें और फिर उठ जाएं।