आजकल की व्यस्त जीवनशैली में समय-बेसमय का खानपान, मसालेदार भोजन, खाना खाने के बाद लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने से गैस की समस्या होने लगती है। गैस होने से पेट में भारीपन भी बढ़ जाता है, पेट के किनारे में दर्द भी उठने लगता है और कुछ खाने का दिल भी नहीं करता है। गैस की समस्या आए दिन होते रहना बहुत आम बात है, ऐसे में रोज दवा लेना तो कोई विकल्प नहीं है इसलिए इस समस्या का निवारण योग से करें। अगली स्लाइड्स से जानिए किन आसनों को करने से गैस की समस्या से मिल जाता है छुटकारा।
इन आसनों को करने से दूर हो जाएगी गैस की समस्या, नहीं लगेगा पेट में भारीपन
वज्रासन
पेट के लिए किये जाने वाले श्रेष्ठ आसनों में से एक है वज्रासन। यह आसन पेट और आंत में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और भोजन को प्रभावी ढंग से पचाने में मदद करता है जिससे कि एसिडिटी और गैस जैसी समस्याएं नहीं होती हैं। जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर है, उन्हें नियमित रूप से खाना खाने के बाद सुबह और शाम दोनों समय वज्रासन का अभ्यास अवश्य करना चाहिए।
पश्चिमोत्तानासन
पाचन क्रिया संबंधी जितनी भी समस्याएं हैं ,उन सभी का इलाज है पश्चिमोत्तानासन। यह आसन पेट के सभी अंगों को एकदम स्वस्थ रखता है। महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान गैस संबंधी समस्याएं अधिक होती हैं, ऐसे में उन्हें इस आसन का अभ्यास अवश्य करना चाहिए। गैस के कारण पेट और कमर के किनारे होने वाले दर्द एवं भारीपन से भी पश्चिमोत्तासन को करने के बाद छुटकारा मिलता है।
भुजंगासन
भुजंगासन को करने से पित्ताशय की क्रियाशीलता बढ़ती है। साथ ही पाचन प्रणाली मजबूत होती है। जिस वजह से गैस के अलावा कब्ज, अपच जैसी समस्याएं भी इसके अभ्यास से ठीक हो जाती हैं। बवासीर के मरीजों को भी नियमित रूप से भुजंगासन करने की सलाह दी जाती है। सामान्य गैस की समस्या तो एक- दो बार के अभ्यास से ही ठीक भी हो जाती है।
पवनमुक्तासन का नियमित अभ्यास हमारे बोवेल मूवमेंट्स को सही रखता है। यह आसन पेट की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने में मदद करता है। इस आसन को जो व्यक्ति प्रतिदिन करता है, उसके पाचन तंत्र से सारे टॉक्सिन्स निकल जाते हैं। पेट में हल्कापन बन रहता है और बार- बार गैस की समस्या नहीं होती है। यह आसन पूर्ण रूप से पेट के स्वास्थ्य के लिए ही कार्य करता है।