योग शरीर को स्वस्थ रखने में तो मददगार है ही साथ ही मानसिक रूप से भी यह बहुत लाभदायक है। योग की क्रिया तो हर उम्र के व्यक्ति के लिए फायदेमंद है। इसीलिए कहा जाता है कि छात्र जीवन में आने वाले तनाव को दूर करने में योग बहुत लाभदायक है। इसकी मदद से याददाश्त और एकाग्रता बढ़ती है। आइए जाने पांच ऐसे योगासन जो दिमाग को तीव्र करने में मदद करते हैं।
छात्रों के तनाव को कम कर, दिमाग को तीव्र करने में मददगार हैं पांच योगासन
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नियम से यदि प्राणायाम का अभ्यास किया जाए तो दिमाग में तनाव नहीं रहता है और पढाई पर अच्छी तरह ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। प्राणायाम करने के लिए सांस को धीमी गति से अंदर खींचकर फिर उसे धीमी गति से ही बाहर निकालना होता है।
सुखासन योग की सबसे आसान क्रिया है और सबसे ज्यादा लाभदायक भी। इसको करने से मानसिक और शारीरिक स्फूर्ति मिलती है। सुखासन करने के लिए पैरों को पालथी मार कर बैठ जाएं और पीठ को बिल्कुल सीधा रखें। ध्यान रहें इस आसन को करते समय हाथों की मुद्रा का विशेष ख्याल रहे। इस आसन को करने से दिमाग की शक्ति बढ़ती है।
दंडासन करने से शरीर का पोस्चर सही होता है। इसको करने से रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और इसमें लचीलापन आता है। दंडासन करने के लिए सबसे पहले किसी योग मैट पर बैठ जाएं और दोनों पैरों को फैलाकर पास-पास रखें। ध्यान रहें दोनों पैरों की उगलियां आपकी ओर खिंची रहें। दोनों हाथों को सीधे और हथेलियों को जमीन पर कूल्हे के पास रखें। अपनी रीढ़ की हड्डी और गर्दन को सीधा रखें। सामने की ओर देखते हुए सांस को सामन्य रखें। कम से कम बीस सेंकेंड तक करने के बाद सामान्य अवस्था में आएं।
एक पादासन को करने के लिए दाएं पैर के घुटनों को मोड़ कर बांए पैर की जांघों पर रख दें। साथ ही दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर प्रणाम की मुद्रा में आ जाएं। कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद आराम की अवस्था में वापस आ जाएं। एक पादासन को करने से मानसिक तनाव से निजात मिलता है और शरीर फुर्तीला हो जाता है।