दीपावली उत्सव के बीच सभी लोगों को सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। पटाखों से होने वाले प्रदूषण के कारण सांस की समस्याओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है। ये कई प्रकार के दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों का भी कारण बन सकते हैं, ऐसे में सभी उम्र के लोगों को इस तरह की समस्याओं से बचाव करते रहने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पटाखों के धुएं से बचने के लिए प्रयास किए जाने बहुत आवश्यक हैं। धुएं में कई प्रकार के रसायन और हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं, जिससे फेफड़ों की दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा हो सकता है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए सभी लोगों को नियमित तौर पर सांस के अभ्यास करते रहने चाहिए।
Diwali 2022: सांस के ये अभ्यास पटाखों के दुष्प्रभाव को कर देते हैं कम, दिनचर्या में जरूर करें इन्हें शामिल
गहरी सांस का अभ्यास
श्वसन से संबंधित विकारों के जोखिम को कम करने और फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ावा देने में गहरी सांस वाले अभ्यास करना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। प्रदूषण से फेफड़ों और श्वसन अंगों को क्षति होने का जोखिम होता है, इस अभ्यास की आदत बनाकर सांस की समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। गहरी सांस वाले अभ्यास मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने और एकाग्रता को बढ़ावा देने में भी आपके लिए काफी लाभकारी हो सकते हैं। सभी उम्र के लोगों को इस अभ्यास को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी जाती है।
उज्जयी प्राणायाम का अभ्यास
सांस की समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी को उज्जयी प्राणायाम के अभ्यास की सलाह देते हैं। यह प्राणायाम आपके दिमाग को शांत रखने और शरीर को ऊर्जा प्राप्त करने में सहायक माना जाता है। फेफड़ों की शक्ति को बढ़ाने और इससे संबंधित कई प्रकार के रोगों के जोखिम को कम करने में भी इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास की आदत विशेष लाभकारी हो सकती है। उज्जयी प्राणायाम को श्वसन विकारों जैसे अस्थमा-ब्रोंकाइटिस आदि से पीड़ित लोगों की सेहत में सुधार करने के लिए भी कारगर माना जाता है।
कपालभाति प्राणायाम
कपालभाति एक शक्तिशाली श्वसन तकनीक है जिसे सांस के साथ पाचन अंगों के लिए भी काफी लाभकारी अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। कपालभाति प्राणायाम आपकी एकाग्रता के स्तर को बढ़ाने के लिए उत्कृष्ट अभ्यास है। कपालभाति प्राणायाम फेफड़ों को स्वस्थ रखने और श्वसन के माध्यम से शरीर में आने वाले हानिकारक तत्वों को बाहर करने में आपके लिए मददगार है। कपालभाति का अभ्यास शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए कारगर पाया गया है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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