ठंडे तेल से जा सकती है आंखों की रोशनी, अमिताभ बच्चन करते हैं प्रचार
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बालीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की ओर से किए जा रहे ठंडे के तेल के प्रचार से बीएचयू अस्पताल के चिकित्सक नाराज हैं। इस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (आईएमएस) के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विजयनाथ मिश्र ने अमिताभ के ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर उन्हें तेल का प्रचार न करने की सिफारिश की है।
साथ ही यह भी बताया कि इस तरह के तेल में कपूर की मात्रा मानक से अधिक होती हैं, जिसका प्रयोग करने से लोगों के सिर में दर्द, बेचैनी के साथ आंखों की रोशनी जाने का खतरा भी रहता है। उन्होंने प्रचार न करने से हो रही आर्थिक क्षति की भरपाई करने की बात भी कही है।
@SrBachchan जी से अनुरोध है कि कृपया अनैतिक ठंडे तेल (जिसने कपूर की मात्रा, हानिकारक मात्रा से ज़्यादा हो) उसका प्रचार ना करें।@vikash_vns pic.twitter.com/ldh2WP1Ens
विज्ञापन विज्ञापन— Vijaya nath Mishra (@MishraVn) May 13, 2017
अमिताभ बच्चन इन दिनों ठंडे तेलों का प्रचार कर रहे हैं। डॉ. विजयनाथ के मुताबिक बीएचयू की ओर से ठंडे तेल से होने वाली बीमारियों को लेकर एक रिसर्च भी किया जा रहा है। इसके आधार पर रिपोर्ट केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी गई है।
जिसमें सिरदर्द, थकान, अनिद्रा भगवाने के नाम पर बाजारों में मिल रहे ठंडे तेल में कपूर की मात्रा अधिक है। ओपीडी में पिछले दो तीन सालों से पूर्वांचल भर से आने वाले मरीजों को लेकर किए गए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि कुछ महिलाओं के लिए ठंडा तले नशे की तरह हो गई है।
ऐसे में यह एक महामारी का रुप ले रही है। इसके अलावा विक्स, आयोडेक्स में भी कपूर की मात्रा अधिक होती है लोग जल्द राहत के लिए उसे लगाने के साथ-साथ खा भी रहे हैं।
बताया कि रिपोर्ट को डीएसटी भेजकर डिटेल रिसर्च कराने के साथ ही कपूर की मात्रा निर्धारित करने को जरूरी बताया है। बताया कि शनिवार सुबह अमिताभ को ट्वीट कर प्रचार न करने की मांग की है।