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दाढ़ी मूंछ नहीं आई तो शर्म न करें, तुरंत अपनाएं ये तरीका, वरना जिंदगी भर रहेगा अफसोस

Thu, 03 May 2018 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 03 May 2018 10:00 AM IST
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chandigarh pgi doctors giving tips on hormonal problems, hormonal imbalance
काम का तनाव
दाढ़ी मूंछ नहीं आई है तो बिल्कुल भी शर्म न करें और तुरंत ये तरीका अपनाए। नजरअंदाज कर दिया तो जिंदगी बर्बाद हो जाएगी आपकी। 
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stress management
पीजीआई चंडीगढ़ में एंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट की ओर से दो दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें ओवरी और टेस्टिस से जुड़ी बीमारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस दौरान डॉ. रमा वालिया ने कहा कि यदि आठ साल की उम्र से पहले किसी लड़की के पीरियड आ जाए या नौ साल के लड़के के दाढ़ी मूंछ आ जाए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। अनदेखी की तो हाइट छोटी रह जाएगी।
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डॉ. अनिल भंसाली कहते हैं कि कुछ मरीजों में हार्मोन की कमी से दाढ़ी नहीं आती है और उनके बच्चे भी नहीं होते हैं। ऐसे करीब 300 मरीज रजिस्टर्ड हैं। इन मरीजों का इलाज किया जा रहा है। लोग सोचते हैं कि इनका इलाज नहीं है, जबकि इन सबका इलाज उपलब्ध है और एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट इनका इलाज करता है। दवाओं और सर्जरी की मदद से इस बीमारी का इलाज संभव है।
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प्लास्टिक से हार्मोन बिगड़ जाते हैं
एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट के ही डॉ. आशु रस्तोगी कहते हैं कि प्लास्टिक की वजह से भी हार्मोन बैलेंस बिगड़ रहा है। प्लास्टिक की प्लेट में चाय या काफी पीना या फिर खाना खाने से भी हार्मोन बिगड़ता है। दरअसल प्लास्टिक में बिस्फिनॉल ए और पैथालेट्स जैसे केमिकल होते हैं, जो हार्मोन को बनाना बंद कर देते हैं। एंडोक्राइन डिसरप्टर कहते हैं। इस वजह से थायराइड, डायबिटीज और पुरुषों में स्पर्म क्वालिटी भी प्रभावित होती है।
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डॉ. रमा वालिया ने कहा कि ऐसी बीमारी होने पर अगर पेरेंट्स बच्चों को 14 साल की उम्र के बाद लाते हैं, इस उम्र में कुछ नहीं कर सकते। जबकि थोड़ी उम्र में ही दवाइयों की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है। इसी तरह से किसी युवती में पीरियड देरी से आ रहे हैं या कुछ और समस्या जैसे कि चेहरे पर बाल का आना। इन्हें भी दवाओं की माध्यम से ठीक किया जा सकता है।

 
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