आहार में गड़बड़ी और तली भुनी चीजों के अधिक सेवन के कारण अपच की समस्या होना सामान्य है। हालांकि अगर आपको लगातार इस तरह की दिक्कत बनी रहती है तो इस बारे में अलर्ट हो जाने की आवश्यकता है। पाचन तंत्र के ठीक तरीके से काम न करने की स्थिति में पेट से संबंधित तमाम तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। भोजन का पाचन आपके मुंह से शुरू होकर पेट और फिर आंतों तक जाता है। भोजन के ब्रेक डाउन के बाद शरीर द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण होता है। पाचन प्रक्रिया के अपशिष्ट उत्पाद शौच के माध्यम से बाहर आ जाते हैं।
आज का योग: इन चार योगासनों से दूर होगी पाचन की समस्या, पेट से संबंधित कई बीमारियों से भी मिलेगी राहत
पश्चिमोत्तासन योग है काफी लाभदायक
पश्चिमोत्तासन या आगे की ओर झुकाव वाला योगाभ्यास, गैस और कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है। यह पेट की चर्बी को भी कम करता है और पेट के अंगों की शक्ति बढ़ाता है। जिन लोगों को पाचन की समस्या हो उन्हें नियमित रूप से पश्चिमोत्तासन अभ्यास करना चाहिए।
चाइल्ड पोज का करें अभ्यास
बालासन या चाइल्ड पोज, आपको तनाव मुक्त करने के साथ दिमाग को शांत करने में मदद करता है। इस योग का नियमित अभ्यास जांघ, कूल्हों और लसीका तंत्र के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। जिन लोगों को अक्सर कब्ज या पाचन की समस्या रहती हो उनके लिए चाइल्ड पोज का अभ्यास करना फायदेमंद माना जाता है।
पवनमुक्तासन का करिए अभ्यास
कब्ज, पेट साफ न होने या पाचन की खराबी जैसी पेट की बीमारियों को दूर करने के लिए पवनमुक्तासन का नियमित अभ्यास करना लाभदायक माना जाता है। यह आपके पाचन में सुधार करने के साथ पेट के गैस को बाहर निकालने में मदद करता है। पेट की मांसपेशियों को मजबूती देने के लिए भी इस योगासन का अभ्यास करना फायदेमंद माना जाता है।
कोबरा पोज़
कोबरा पोज़ या भुजंगासन का अभ्यास करना पेट के लिए फायदेमंद माना जाता है। पेट की मांसपेशियों को फैलाने और शरीर की मुद्रा में सुधार करने में यह योग मदद करता है। जिन लोगों को पाचन की समस्या लगातार बनी रहती है, ऐसे लोगों को लिए भुजंगासन का अभ्यास करना काफी फायदेमंद माना जाता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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