जीवनशैली की गड़बड़ी के कारण पिछले दो दशकों में जो समस्याएं सबसे तेजी से बढ़ी हैं, आर्थराइटिस (गठिया) उन्हीं में से एक है। जोड़ों में सूजन और दर्द की यह समस्या जीवन के गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में करोड़ों लोग इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के शिकार हैं। भारत के नजरिए से बात करें तो पिछले कुछ वर्षों में आर्थराइटिस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो लोगों में बढ़ रही शारीरिक निष्क्रियता और आहार में गड़बड़ी के कारण गठिया का जोखिम और अधिक बढ़ गया है।
आज का योग: आर्थराइटिस रोगियों को रोजाना करने चाहिए यह योगासन, दूर होगी जटिलता
वीरभद्रासन योग के लाभ
योग विशेषज्ञों के मुताबिक आर्थराइटिस के खतरे को कम करने के लिए सभी लोगों को कम उम्र से ही योग की आदत डाल लेनी चाहिए। इसमें वीरभद्रासन योग का अभ्यास आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। कूल्हे, घुटने और फ्रंट लेग की हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने में यह योग फायदेमंद हो सकता है।
इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों को कूल्हे की चौड़ाई से अलग करके खड़े हो जाएं। अब अपने बायीं ओर एक बड़ा कदम उठाएं। अब अपने घुटनों को 90 डिग्री के कोण पर मोड़ें। अब अपने दाहिने पैर को लगभग 15 डिग्री अंदर की ओर मोड़ें। दाहिने पैर की एड़ी बाएं पैर के केंद्र में होनी चाहिए। अब अपने दोनों हाथों को साइड में उठाएं और कंधों के स्तर पर लाएं। आपकी हथेलियां ऊपर की ओर होनी चाहिए। इस पोजीशन में गहरी सांसें लें। अपने सिर को बाईं ओर मोड़ें। कुछ सेकंड के लिए ऐसे ही रुकें और फिर प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएं।
ब्रिज पोज योग
ब्रिज पोज योग को कूल्हों, कमर औऱ घुटनों के लिए काफी फायदेमंद योगाभ्यासों में से एक माना जाता है। कमर दर्द को कम करने में भी इस योगाभ्यास को काफी कारगर माना जाता है। इस योगासन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करते हुए घुटनों को मोड़ लें। हथेलियों को खोलते हुए हाथ को बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा कर रखें। अब सांस लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं, कंधे और सिर को सपाट जमीन पर ही रखें। सांस छोड़ते हुए दोबारा से पूर्ववत स्थिति में आ जाएं।
वृक्षासन योग के फायदे
हड्डियों को मजबूती देने के साथ गठिया के खतरे को कम करने में वृक्षासन योग के अभ्यास को काफी फायदेमंद माना जाता है। पैरों और कूल्हे की हड्डियों को मजबूती देने के साथ इनको जोड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में इस योग को काफी कारगर माना जाता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक कम उम्र से ही इस योगासन का अभ्यास भविष्य में गठिया के जोखिम को कम कर सकता है।
रीढ़ और कमर की हड्डी को मजबूती देने और उन्हें लचीला बनाए रखने के लिए कोबरा पोज योग का अभ्यास फायदेमंद हो सकता है। कोबरा पोज शरीर को पूर्ण आराम देने के साथ, ऊतकों और कोशिकाओं को ठीक रखने, मस्तिष्क को तनाव मुक्त रखने और शरीर में संतुलन बनाए रखने में कोबरा पोज योग को बहुत फायदेमंद माना जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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