Benefits Of Dhanurasana: स्वस्थ शरीर के लिए कई योगाभ्यासों में धनुरासन का नाम शामिल है। धनुरासन में शरीर की मुद्रा धनुष के जैसी होती है। इस आसन को अंग्रेजी में बो पोज कहते हैं। धनुरासन से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं। जैसे यह शरीर की स्ट्रेचिंग से लेकर दर्द को कम करने में असरदार है। इस योगासन के अभ्यास से गर्दन के तनाव को कम करने और गर्दन व पीठ दर्द ठीक करने में मदद मिलती है। साथ ही पैरों की मांसपेशियों के तनाव को कम किया जा सकता है। पाचन में सुधार होता है।
Dhanurasana: धनुरासन के स्वास्थ्य लाभ, जानें अभ्यास का सही तरीका और सावधानियां
धनुरासन से लाभ प्राप्त करने के लिए इसका सही तरीके से और रोजाना अभ्यास किया जाना आवश्यक है। आइए धनुरासन के लाभ और इसके अभ्यास के तरीकों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
धनुरासन के फायदे
धनुरासन योग के सही तरीके से अभ्यास करने से कई प्रकार से स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं जैसे,
- पेट की मांसपेशियों को फैलाने के साथ पाचन क्रिया में सुधार करता है।
- आपके टखनों, जांघों, छाती, गर्दन और कंधों की ताकत में सुधार करता है।
- आपके पीठ को टोन करने के साथ रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार करता है।
- छाती को फैलाने में मदद करता है जिससे सांस की प्रक्रिया आसान होती है।
- गर्दन के तनाव को कम करने के साथ गर्दन और पीठ दर्द को ठीक करने में मदद करता है।
- पैरों की मांसपेशियों के तनाव को कम करने वाला योगासन है।
- इस आसन के अभ्यास से नपुंसकता दूर करने में मदद मिल सकती है।
- किडनी के संक्रमण से बचाव के लिए धनुरासन असरदार है।
धनुरासन के अभ्यास का सही तरीका
स्टेप 1- धनुरासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं।
स्टेप 2- अब हाथों को पैरों के पास रखते हुए घुटनों को मोड़ें।
स्टेप 3- मुड़े हुए घुटनों को पकड़कर रखें।
स्टेप 4- अब श्वास लेते हुए सीने को ऊपर की ओर उठाएं और हाथों से पैरों को खींचें।
स्टेप 5- श्वास की गति पर ध्यान केंद्रित करें।
स्टेप 6- अब 15-20 सेकेंड तक इस अवस्था में रहें, फिर पूर्व की स्थिति में आ जाएं।
धनुरासन योग की सावधानियां
- किसी भी योग को करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे धनुरासन योग ऐसे लोगों को नहीं करना चाहिए, जिनकी गर्दन में समस्या या पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी हो। इस तरह के योग से समस्या बढ़ सकती है।
- एड़ियों को धीरे पकड़ें, बहुत जोर से न दबाएं। इससे परिसंचरण में बाधा आ सकती है।
- इस योग का अभ्यास खाली पेट किया जाना चाहिए।
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