Benefits Of Balasana: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए अच्छी जीवनशैली, पौष्टिक खानपान के साथ ही शारीरिक सक्रियता जरूरी है। शारीरिक सक्रियता के लिए योगाभ्यास किया जा सकता है। इससे शरीर के अंदरूनी और बाहरी दोनों तरह की सक्रियता होती है। कई अलग अलग तरह के योगासन, शरीर को अलग अलग तरह के स्वास्थ्य लाभ देते हैं। कई आसनों में से एक बालासन है, जिसका अभ्यास कई तरह के स्वास्थ्य लाभ दिला सकता है। बालासन का नाम से ही अर्थ स्पष्ट है, बच्चे की मुद्रा में बैठने वाला आसन।
Balasana: बालासन के अभ्यास का सही तरीका, जानें चाइल्ड पोज से होने वाले स्वास्थ्य लाभ और सावधानियां
बालासन के अभ्यास का सही तरीका बताया जा रहा है। साथ ही बालासन से होने वाले फायदे और अभ्यास के दौरान सावधानियों के बारे में भी जान लीजिए।
बालासन के फायदे
- बालासन से शरीर की खोई हुई ऊर्जा वापस आती है और मन को शांति मिलती है।
- इस आसन के अभ्यास से शरीर को आराम और ताजगी महसूस होती है।
- इस आसन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी या स्पाइनल कॉलम में राहत मिलती है।
- बालासन शरीर में मांसपेशियों को राहत देता है और पीठ दर्द, खासकर कमर, गर्दन और कंधों के दर्द से राहत दिलाता है।
- बालासन के अभ्यास से घुटने में खिंचाव आता है और राहत मिलती है।
- इस आसन से दिमाग शांत रहता है और तनाव व हल्के अवसाद से राहत मिल सकती है।
बालासन के अभ्यास का सही तरीका
स्टेप 1- बालासन के अभ्यास के लिए मैट पर घुटनों के बल बैठकर दोनों टखनों और एड़ियों को आपस में छुएं।
स्टेप 2- अब श्वास अंदर की ओर लेते हुए दोनों हाथों को सीधा सिर के ऊपर उठाएं। ध्यान दें कि हथेलियों को आपस में जोड़ना नहीं है।
स्टेप 3- फिर श्वास बाहर छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रखें कि कूल्हे के जोड़ों से झुकना है न कि कमर से।
स्टेप 4- तब तक आगे झुकें जब तक हथेलियां जमीन पर टिक नहीं जाती हैं।
स्टेप 5- अब सिर को जमीन पर टिका लें। आप बालासन की मुद्रा में हैं।
स्टेप 6- इस मुद्रा में शरीर को रिलैक्स करिए और लंबी श्वास लें न बाहर छोड़ें।
स्टेप 7- दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में सख्ती से जोड़ लें। इनके बीच सिर रखकर सहारा ले सकते हैं।
स्टेप 8- अब सिर को दोनों हथेलियों के बीच धीरे से रखते हुए सामान्य श्वास रखें।
स्टेप 9- 30 सेकंड से पांच मिनट तक बालासन की मुद्रा में रह सकते हैं।
----------------
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।