प्राणायाम बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद योगाभ्यास माने जाते हैं। मानसिक शांति प्रदान करने के साथ कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के लक्षणों और कारकों को कम करने में भी प्राणायाम का अभ्यास आपके लिए मददगार हो सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जिस तरह से दुनिया के अधिकतर हिस्सों में कई प्रकार की संक्रामक बीमारियां तेजी से बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में सभी लोगों को शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान देते रहना चाहिए। कई प्रकार के प्राणायाम के नियमित अभ्यास की आदत इसमें आपके लिए लाभकारी हो सकती है।
Yoga Tips: कपालभाति या अनुलोम विलोम? जानिए आपकी सेहत के आधार पर कौन सा प्राणायाम है फायदेमंद
अनुलोम विलोम का अभ्यास
अनुलोम विलोम प्राणायाम का वर्षों से अभ्यास किया जाता रहा है। सांस लेने की यह वैकल्पिक अभ्यास विधि, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाती है। एकाग्रता, ध्यान और तनाव-चिंता से राहत दिलाने आदि में इस अभ्यास को काफी कारगर माना जाता रहा है। मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ शारीरिक रूप से भी अनुलोम विलोम प्राणायाम आपके लिए लाभकारी हो सकता है। मस्तिष्क, श्वसन और हृदय स्वास्थ्य में सुधार के लिए इस प्राणायाम अभ्यास को बेहतर माना जाता है।
कपालभाति प्राणायाम
कपालभाति प्राणायाम, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ लाभ के लिए पहला पसंद रहा है। अध्ययनों में पाया गया है कि इस योग के अभ्यास से पाचन संबंधी समस्याओं में सुधार होता है। जिन लोगों को गैस्ट्रिक की समस्या होती है उन्हें इससे लाभ मिल सकता है। इस योगासन को करने से अनिद्रा की समस्या भी दूर होती है। यह एंडोर्फिन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे आपके मूड को ठीक रखने में मदद मिलती है।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
योग विशेषज्ञ कहते हैं, प्राणायाम के अभ्यास के लिए सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। शांत अवस्था में बैठकर खाली पेट इन योगासनों का अभ्यास करने से आपको कई प्रकार से लाभ मिल सकते हैं। कपालभाति और अनुलोम विलोम योगासन शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत पर प्रभावी पाए गए हैं, ऐसे में इसके अभ्यास की आदत बनाना आपकी सेहत को विशेष लाभ दे सकती है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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