शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए रोजाना योगासनों का अभ्यास किया जाना आवश्यक माना जाता है। योग शरीर में रक्त और ऊर्जा के स्तर को बढ़ावा देने के साथ आपके फिटनेस को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। इसमें भी सांस वाले योगासन विशेषकर, प्राणायाम का रोजाना अभ्यास करना आपकी ऊर्जा को कई गुना तक बढ़ाने में सहायक हो सकता है। भस्त्रिका एक ऐसा ही प्राणायाम है जिसका नियमित रूप से अभ्यास करना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को कई प्रकार से लाभान्वित कर सकता है।
आज का योग: इन स्वास्थ्य समस्याओं में बहुत फायदेमंद है भ्रस्तिका प्राणायाम, दिनचर्या में जरूर करिए इसे शामिल
भस्त्रिका प्राणायाम कैसे किया जाता है?
योग विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी आसन से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही तरीके से अभ्यास करना बहुत आवश्यक होता है। किसी योग विशेषज्ञ से आसनों की सही प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेना बेहतर रहता है। भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले पद्मासन में बैठ जाएं। धीरे-धीरे सांस खींचते हुए अपनी सांस को बलपूर्वक छोड़ दें। इस प्राणायाम करते वक्त आपको अपनी छाती को फुलाना और पिचकाना है। आप शुरुआत धीमी गति से करें और इस प्रक्रिया को 4 से 5 बार दोहराएं।
भस्त्रिका प्राणायाम करने के क्या लाभ हैं?
शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह की सेहत के लिए भस्त्रिका प्राणायाम के अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है।
- शरीर और दिमाग की ऊर्जा को मिलता है बढ़ावा।
- इस अभ्यास के दौरान फेफड़ों को प्रयोग में लाया जाता है, ऐसे में यह प्राणायाम विषाक्त पदार्थों और अशुद्धियों को दूर करने में मदद करता है।
- साइनस, ब्रोंकाइटिस और श्वसन संबंधी अन्य समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
- जागरूकता और इंद्रियों की शक्ति को बढ़ाने में मददगार है।
- शारीरिक दोष और हार्मोन्स को संतुलित करने में मदद करता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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