एक समय था जब हर जगह कुएं, तालाब, नहर और नदियां दिखाई देती थीं, लेकिन अब पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, जिससे दुनियाभर में जल संकट गहराता जा रहा है। दुनियाभर के लोगों को पानी के महत्व को समझाने और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस (World Water Day) मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कैच द रेन यानी वर्षा जल संचय अभियान का वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शुभारंभ करेंगे। यह अभियान देशभर में चलाया जाएगा, चाहे वो ग्रामीण इलाके हों या शहरी क्षेत्र। इस अभियान का नारा होगा-'जहां भी गिरे और जब भी गिरे, वर्षा का पानी इकट्ठा करें।' आइए जानते हैं कि विश्व जल दिवस मनाने की शुरुआत आखिर कैसे हुई थी?
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World Water Day 2021: क्यों मनाया जाता है विश्व जल दिवस, कैसे हुई इसकी शुरुआत? जानिए सबकुछ
Mon, 22 Mar 2021 11:10 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Mon, 22 Mar 2021 11:10 AM IST
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वर्ल्ड वाटर डे 2021
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कब और कैसे हुई थी विश्व जल दिवस मनाने की शुरुआत?
- साल 1992 में ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में पर्यावरण और विकास मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से एक सम्मेलन आयोजित किया गया था और उसी दौरान विश्व जल दिवस मनाने की पहल की गई थी। इसके बाद साल 1993 में पहली बार विश्व जल दिवस मनाया गया था, जिसके बाद से हर साल 22 मार्च को यह दिवस मनाया जाता है।
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इस साल विश्व जल दिवस की थीम क्या है?
- हर साल विश्व जल दिवस की एक थीम निर्धारित की जाती है। इस साल की थीम 'वैल्यूइंग वॉटर' है। इसका लक्ष्य लोगों को पानी के महत्व को समझाना है। हर साल विश्व जल दिवस के मौके पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और पानी के महत्व और जल संरक्षण के बारे में बताया जाता है।
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धरती पर सिर्फ एक फीसदी पानी ही पीने योग्य
- ये तो आप जानते ही होंगे कि धरती के करीब तीन चौथाई हिस्से पर सिर्फ पानी ही पानी है, जो महासागरों, नदियों, झीलों और झरनों के रूप में है। हालांकि इसमें से केवल एक फीसदी या इससे भी कम पानी ही पीने के लिए उपयुक्त है। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि हम पानी की बचत करें, ताकि भविष्य में पानी का संकट पैदा न हो, क्योंकि 'जल ही जीवन है' और जल के बिना जीवन जीवित ही नहीं रहेगा।