World Red Cross Day 2019: युद्ध और हिंसा के खात्मे के लिए 1863 में हुई थी पहल
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फरवरी, 1863 में जिनीवा पब्लिक वेल्फेयर सोसायटी ने एक समिति का गठन किया। उस समिति में स्विटजरलैंड के पांच नागरिक शामिल थे। कमिटी को हेनरी डूनेंट के सुझावों पर गौर करना था। समिति के पांच सदस्यों में जनरल ग्यूमे हेनरी दुफूर, गुस्तावे मोयनियर, लुई ऐपिया, थिओडोर मॉनोइर और हेनरी डिनैंट शामिल थे। ग्यूमे हेनरी दुफूर स्विटजरलैंड की सेना के जनरल थे। एक साल के लिए वह समिति के अध्यक्ष रहे। गुस्तावे युवा वकील थे और पब्लिक वेल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष थे। उसके बाद से उन्होंने अपने जीवन को रेड क्रॉस कार्यों के लिए समर्पित कर दिया।
अक्टूबर 1863 में समिति की ओर से एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में 16 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की जिसमें कई उपयुक्त प्रस्तावों और सिद्धांतों को अपनाया गया। इसी सम्मेलन में समिति के लिए एक अंतरराष्ट्रीय प्रतीक चिह्न का भी चयन किया गया। उस मौके पर दुनिया के सभी राष्ट्रों से ऐसे स्वैच्छिक संगठनों की स्थापना की अपील की गई जो युद्ध के समय बीमार और जख्मी लोगों की देखभाल करे।
इन यूनिटों को नैशनल रेड क्रॉस सोसायटी के नाम से जाना गया। बाकी पांच सदस्यों वाली समिति को शुरू में International committee for Relief to the Wounded के नाम से जाना गया। बाद में इसका नाम International Committee of the red cross हो गया।यह दिन लोगों को अपने स्वयं के जीवन की रक्षा करने और पीड़ितों को सम्मान देने के लिए प्रेरित करता है। विश्व रेड क्रॉस दिवस 2019 का थीम "लव" है। थीम मुख्य उद्देश्य है कि लोग रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट के बारे में क्या पसंद करते हैं।