भारत में हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है और इस साल तो एक ही दिन दो पर्व मनाए जा रहें। बाल दिवस और दीपोत्सव, ऊर्जा से भरे दो उत्सवों का साथ होना अद्भूत संयोग ही है। भारत में बाल दिवस मनाने के पीछे दो कारण रहे हैं। पहला तो यह दिन देश के भविष्य अर्थात बच्चों को खास महसूस करवाने के लिए मनाया जाlता है। दूसरा कारण बच्चों के प्रिय चाचा नेहरू का जन्मोत्सव भी इसी दिन होता है। देशभर में बाल दिवस का आयोजन बड़ी धूमधाम से होता है लेकिन इस बार तो बाल दिवस मनाने का पूरा जिम्मा घर के सदस्यों पर ही आ चुका है। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानिए बाल दिवस का पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंध और अन्य जानकारी।
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Children's day 2020: पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मोत्सव पर ही क्यों मनाया जाता है बाल दिवस?
Sun, 15 Nov 2020 12:26 AM IST
तेजस्वी मेहता
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: तेजस्वी मेहता
Updated Sun, 15 Nov 2020 12:26 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पंडित नेहरू का जन्मोत्सव
यूएन ने 20 नवंबर 1954 को बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। भारत में पंडित नेहरू के निधन से पहले 20 नवंबर को ही बाल दिवस मनाया जाता था लेकिन 27 मई 1964 को उनके निधन के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि बाल दिवस हर साल 14 नवंबर को मनाया जाएगा। 14 नवंबर को नेहरू का जन्मदिन पड़ता था और वह बच्चों से काफी ज्यादा प्यार करते थे। यही वजह थी कि बच्चे उन्हें 'चाचा नेहरू' कहकर पुकारते थे। बाल दिवस का आयोजन देश के भविष्य के निर्माण में बच्चों के महत्व को बताता है। साथ ही इस दिन बाल अधिकारों के प्रति लोगों को जागरुक किया जाता है।
यूएन ने 20 नवंबर 1954 को बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। भारत में पंडित नेहरू के निधन से पहले 20 नवंबर को ही बाल दिवस मनाया जाता था लेकिन 27 मई 1964 को उनके निधन के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि बाल दिवस हर साल 14 नवंबर को मनाया जाएगा। 14 नवंबर को नेहरू का जन्मदिन पड़ता था और वह बच्चों से काफी ज्यादा प्यार करते थे। यही वजह थी कि बच्चे उन्हें 'चाचा नेहरू' कहकर पुकारते थे। बाल दिवस का आयोजन देश के भविष्य के निर्माण में बच्चों के महत्व को बताता है। साथ ही इस दिन बाल अधिकारों के प्रति लोगों को जागरुक किया जाता है।
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चाचा नेहरू को था बच्चों से प्रेम
पंडित नेहरू ने बच्चों के बार में कहा था कि आज के बच्चे कल के भारत का निर्माण करेंगे। हमारा देश भविष्य में कैसा होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम अपने बच्चों का लालन-पालन कैसे करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री बच्चों की शिक्षा को खास महत्व देते थे। देश के जाने माने ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस यानि एम्स की स्थापना में भी पंडित नेहरू ने खास भूमिका निभाई थी। ना सिर्फ एम्स बल्कि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की भी स्थापना का श्रेय पंडित नेहरू को जाता है।
पंडित नेहरू ने बच्चों के बार में कहा था कि आज के बच्चे कल के भारत का निर्माण करेंगे। हमारा देश भविष्य में कैसा होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम अपने बच्चों का लालन-पालन कैसे करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री बच्चों की शिक्षा को खास महत्व देते थे। देश के जाने माने ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस यानि एम्स की स्थापना में भी पंडित नेहरू ने खास भूमिका निभाई थी। ना सिर्फ एम्स बल्कि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की भी स्थापना का श्रेय पंडित नेहरू को जाता है।
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अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस
अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस सबसे पहले सन 1954 में 20 नवंबर को मनाया गया था। इस दिन बाल अधिकारों को अपनाया गया था। बाल अधिकारों को चार अलग-अलग भांगों में बांटा गया है - जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार और विकास का अधिकार । अन्य देशों में बाल दिवस अलग- अलग दिन मनाया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस सबसे पहले सन 1954 में 20 नवंबर को मनाया गया था। इस दिन बाल अधिकारों को अपनाया गया था। बाल अधिकारों को चार अलग-अलग भांगों में बांटा गया है - जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार और विकास का अधिकार । अन्य देशों में बाल दिवस अलग- अलग दिन मनाया जाता है।