बारिश के मौसम ने दस्तक दे दी है। वैसे तो यह मौसम बहुत सुहाना होता है, जो सबको पसंद आता है। लेकिन मौसम में बदलाव होने के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार यानी वायरल फीवर जैसी समस्याएं भी लोगों को बहुत परेशान करती हैं। वायरल बुखार की समस्या होने पर कुछ सावधानियां को बरता जाए, तो यह 4 से 6 दिन में अपने आप ठीक हो जाएगा। लेकिन इन दिनों कोरोना वायरस महामारी के कारण वायरल फीवर होने पर भी लोग डर जा रहे हैं। वायरल बुखार के लक्षण दिखाई देने पर अधिकांश लोग इसे कोरोना ही समझने लग रहे हैं। क्योंकि कोरोना वायरस के भी कुछ लक्षण वायरल बुखार जैसे होते हैं। अगर आप भी वायरल बुखार को कोरोना समझने की भूल कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से वायरल बुखार और कोरोना वायरस संक्रमण के बीच लक्षण को बताएंगे।
कहीं वायरल फीवर के लक्षणों को कोरोना तो नहीं समझ बैठे हैं आप? जानिए इन दोनों के बीच अंतर
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क्या वायरल बुखार होना कोरोन वायरस का संक्रमण हो सकता है?
मौसम में हो रहे बदलाव के कारण कफ, कोल्ड, फीवर, गले में खराश, खांसी, सिर में दर्द आदि समस्याएं होना एक आम बात है। लेकिन ये वायरल समस्याएं कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण नहीं हैं। हालांकि वायरल समस्याएं भी वायरस के वजह से ही होते हैं। लेकिन ये वायरस कोरोना वायरस से एकदम अलग हैं।
वायरल फीवर या कोरोना वायरस कैसे जानें?
साधारण तौर पर वायरल फीवर और कोरोना वायरस के लक्षण एक समान ही हैं, जैसे- सर्दी-जुकाम, बुखार, गले में खराश और खांसी आदि। कोरोना वायरस भी शुरुआती चरण में वायरल फीवर के तरह ही लक्षण दिखाता है। अगर आप पिछले दो सप्ताह में ऐसे जगह से आए हैं, जहां कोरोना वायरल महामारी फैली हुई है या पिछले दो हफ्तों में आप किसी कोविड-19 पेशेंट के संपर्क में आए हैं, तभी आपको इस बात की शंका होनी चाहिए कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है। अन्यथा आपको परेशान होने की जगह वायरल फीवर की दवा लेने की जरूरत है।
कोरोना वायरस और वायरल फीवर में अंतर
वायरल फीवर और कोरोना वायरस के बीच फर्क को समझने के लिए आपको सबसे पहले इनके लक्षणों को समझना जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार के साथ सूखी खांसी, सांस लेने में समस्या, मांसपेशियों व शरीर में दर्द, थकान आदि लक्षण दिखाई देते हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों पर ध्यान दें तो ज्यादातर मामले एसिम्टोमैटिक हैं। एसिम्टोमैटिक का मतलब मरीज में कोई लक्षण नहीं मिलना।
वहीं, वायरल फीवर के लक्षण कोरोना वायरस से थोड़े अलग हैं। वायरल फीवर की समस्या होने पर बुखार के साथ सर्दी-जुकाम और कई बार हल्की खांसी की समस्या हो सकती है। अगर आप इसमें पैरासिटामॉल जैसी कुछ सामान्य दवाएं, गुनगुना पानी और काढ़े का सेवन करते हैं तो यह एक सप्ताह के अंदर पूरी तरह से ठीक हो जाती है। जबकि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के साथ ऐसा नहीं है।