ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना ज्यादातर लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। सुबह से शाम तक कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठे रहना भले ही काम के लिए जरूरी हो, लेकिन इसका असर धीरे-धीरे कमर और पीठ पर पड़ सकता है। लंबे समय तक एक ही पोजीशन में गलत तरीके से बैठने और शरीर में मूवमेंट की कमी के कारण कमर की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है। यही वजह है कि कम उम्र में ही बड़ी संख्या में लोग कमर में दर्द की शिकायत के साथ डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं।
सेहत की बात: 30 की उम्र से पहले ही कमर दर्द ने घेर लिया? आखिर डेस्क जॉब वालों में क्यों हो रही है ये दिक्कत
ऑफिस में लंबे समय तक बैठना, गलत पॉश्चर और शारीरिक गतिविधियों की कमी कमर दर्द की समस्या बढ़ा सकती है। सही तरीके से बैठना, नियमित ब्रेक लेना, हल्की एक्सरसाइज और रोजाना एक्टिव रहना इस समस्या में मददगार हो सकता है। अगर लगातार या तेज दर्द, सुन्नपन और कमजोरी जैसे लक्षण रहें तो डॉक्टर से सलाह जरूरी लें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लंबे समय तक बैठे रहने के कारण कमर पर लगातार दबाव बना रहता है जिससे आपको दर्द हो सकता है। हालांकि अगर दर्द लगातार बना रहे, तेजी से बढ़कर पैरों तक पहुंच जाए या पैरों में सुन्नपन और कमजोरी महसूस होने लगे तो यह चेतावनी का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। कई बार साइटिका जैसी समस्याओं में भी इसी तरह की दिक्कत हो सकती है।
लगातार बैठे रहना नुकसानदायक
लगातार बैठने से कमर की मांसपेशियों पर लंबे समय तक तनाव रह सकता है। खासकर जब आप घंटों बिना उठे काम करते रहते हैं तो ये दबाव मांसपेशियों को सख्त करने लग जाता है। ऐसे में आपको कमर में तेज दर्द हो सकता है। कई बार तो लोगों के लिए चलना और झुकना तक मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि सभी लोगों को हर 30 मिनट में थोड़ी देर उठकर चलने-फिरने की सलाह दी जाती है।
गलत पॉश्चर का भी देखा जा रहा है खतरा
लैपटॉप या कंप्यूटर स्क्रीन अगर बहुत नीचे है तो गर्दन और पीठ आगे की तरफ झुक जाती है। लगातार इसी तरह से काम करने से आपके पॉश्चर में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा अगर कुर्सी की ऊंचाई सही नहीं हे तो भी कमर पर दबाव बढ़ सकता है।
- कुर्सी पर बैठते समय कमर पर तकिए का सपोर्ट दें।
- पैर जमीन पर टिकाकर बैठें।
- स्क्रीन को ऐसी ऊंचाई पर रखें कि लगातार नीचे न देखना पड़े।
- काम करते समय कंधों को ढीला रखें।
शरीर के मूवमेंट में कमी से खतरा
ऑफिस के बाद भी अगर आपका ज्यादातर समय सोफे या बिस्तर पर आराम करते-करते निकल जाता है, तो इससे शरीर के मूवमेंट में कमी आ जाती है। ऑफिस के बाद रोजाना वॉक, हल्की स्ट्रेचिंग और कमर-पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करें। हालांकि दर्द होने पर कोई भी एक्सरसाइज जोर लगाकर नहीं करनी चाहिए।
- अगर कमर दर्द कुछ दिनों में कम नहीं हो रहा, बार-बार लौट रहा है या रोजमर्रा के काम प्रभावित कर रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। पैरों में कमजोरी या सुन्नपन, बुखार के साथ दर्द या किसी चोट के बाद तेज दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर की मदद लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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