अगर आप धार्मिक यात्रा पर जा रहे हैं और किसी प्राचीन मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं तो हरियाणा चले जाएं। यहां के पंचकुला में 8वीं शताब्दी का पौराणिक भीमा देवी मंदिर है। इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। मंदिर की वास्तुशैली बेहद प्राचीन है। भीमा देवी मां दुर्गा का ही एक रूप है। संरक्षित स्मारक में शामिल है यह मंदिर
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उत्तर भारत का खजुराहो है यह पौराणिक मंदिर, वनवास में यहां रहे थे पांडव
Thu, 10 Jan 2019 01:27 PM IST
सारंग उपाध्याय
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: सारंग उपाध्याय
Updated Thu, 10 Jan 2019 01:27 PM IST
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bhima devi temple haryana
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भीमा देवी मंदिर संरक्षित स्मारक में शामिल है। इस मंदिर का पता 1974 में उस वक्त चला जब पुरातत्व विभाग ने यहां खुदाई की। खुदाई में मंदिर परिसर में लगभग 100 प्राचीन मूर्तियां मिली। मंदिर की वास्तु शैली, समकालीन खजुराहो और भुवनेश्वर मंदिरों में दिखने वाली शैली की तरह है। उत्तर भारत के खजुराहो के नाम से जाना जाता है मंदिर
bhima devi mandir
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भीमा देवी मंदिर को उत्तर भारत का खजुराहो कहा जाता है। इसकी वजह खुदाई में यहां मिली कामुक छविओं वाली अप्सराओं की मूर्तियां हैं। इस मंदिर में मिली ज्यादातर मूर्तियों को संग्राहलय में रखा गया है। हरियाणा में कहां है भीमा देवी मंदिर
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भीमा देवी मंदिर हरियाणा के पंचकुला जिले के पिंजोर शहर में है। बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 8वीं से 11वीं सदी के बीच हुआ था। इस मंदिर को गुर्जर प्रतिहार के शासनकाल के दौरान बनाया गया था। मंदिर परिसर में ही पिंजौर गार्डन है। औरंगजेब के सौतेले भाई ने बनाया था पिंजौर गार्डन
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भीमा देवी मंदिर परिसर में ही पिंजौर गार्डन है। गार्डन को औरंगजेब के सौतेले भाई ने बनवाया था। कहा जाता है कि इस गार्डन को औरंगजेब के सौतेले भाई ने हिंदू मंदिरों को तोड़ने से बचाने के लिए बनवाया था। हरियाणा के जिस पिंजौर शहर में यह मंदिर स्थापित है उसका पौराणिक संबंध पांडवों से है।