क्या आपको पता है कि मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण ने अपने जीवन की आखिरी तपस्या कहां की थी।अगर नहीं पता तो हम आपको उन जगहों की सैर पर भी ले जा रहे हैं।भगवान राम ने अपनी आखिरी तपस्या देवप्रयाग और उनके छोटे भाई लक्ष्मण ने तपोवन में की थी। ये दोनों ही जगहें देवभूमि उत्तराखंड में हैं और अब मशहूर ट्रैकिंग स्पॉट के तौर पर इन्हें जाना जाता है। देवप्रयाग अलकनंदा-भागीरथी नदी के संगम पर बसा है। कहा जाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के पंच प्रयागों में से एक देवप्रयाग है। मान्यता है कि जब राजा भागीरथ ने गंगा को पृथ्वी पर उतरने के लिए मनाया तो उनके साथ ही 33 करोड़ देवी- देवता भी गंगा के साथ स्वर्ग से देवप्रयाग में उतरे थे। ये ही वो जगह है जहां भागीरथी और अलकनंदा नदी का संगम होता है ।
अब ट्रैकिंग के लिए मशहूर हैं ये जगहें किसी जमाने में भगवान श्रीराम- लक्ष्मण ने की थी पूजा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत राय
Updated Fri, 01 Feb 2019 04:32 PM IST
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