दिवाली का त्योहार ही दीपों का त्योहार है। ऐसे में हर शहर और गांव रोशनी से जगमगाते रहते हैं। तो फिर हम आपको कुछ खास शहरों की दिवाली देखने के लिए क्यों कह रहे हैं। अगर आपके मन में कुछ ऐसे ही विचार आ रहें हैं तो हम आपको बता दें कि इन शहरों में दिवाली मनाने का ढंग थोड़ा अलग होता है इसलिए जीवन में कभी भी मौका मिले तो एक बार जरूर इन शहरों की दिवाली देखने जाएं। तो आइए जानें कि कौन से वो शहर हैं जिनकी दिवाली बेहद खास है।
इन शहरों में दिवाली की छटा होती है बेहद अद्भुत, मौका मिले तो जरूर देखें
वाराणसी में दिवाली बेहद अद्भुत तरीके से मनाई जाती है। और सबसे खास बात कि दिवाली के साथ ही यहां पर देव दीपावली के दिन भी दियों की श्रंखला लगाई जाती है जो देखने में बेहद खूबसूरत लगती है। पूरे शहर के 100 से भी ज्यादा घाटों पर जब दीपों को सजाया जाता है तो ये दृश्य देखने में बेहद मनोरम लगता है। सुबह के समय गंगा स्नान के बाद दिन भर मिठाइयों की खरीददारी और शाम के समय गंगा की सैर करने पर आपको इस शहर की खूबसूरती का अंदाजा लग जाएगा।
अमृतसर में दिवाली के दिन एक साथ दो त्योहार मनाए जाते हैं। इसलिए इस दिन स्वर्ण मंदिर की आभा देखते ही बनती है। सिखों में दिवाली के दिन ही बंदी छोड़ दिवस मनाया जाता है जो सिख गुरु हरगोबिंद सिंह के घर आने की खुशी मे मनाया जाता है। इस दिन स्वर्ण मंदिर में स्पेशल कीर्तन भी होता है जिसको सुनना बेहद अच्छा लगता है। इसलिए दिवाली के दिन स्वर्ण मंदिर को देखने का मौका कभी मत छोड़िए।
पुरुषवाड़ी मुम्बई-नासिक हाईवे के किनारे पहाड़ियों पर बसा एक छोटा सा गांव है। पटाखों और शोर-शराबे से अलग इस छोटे से गांव में दिवाली मनाने का अंदाज थोड़ा हटकर है। यहां पर पूरे गांव वाले मिलकर रात में बोनफायर जलाते हैं और खाना बनाते हैं। बच्चे यहां का क्षेत्रीय गाना गाकर घर-घर तेल मांगते हैं अपने दीये में डालने के लिए।
अगर मौका मिले तो उदयपुर की दिवाली देखने भी जा सकते हैं। झीलों की नगरी में जब पूरे जगमगाते शहर का प्रतिबिंब पड़ता है तो देखने में नजारा बहुत अद्भुत लगता है। अगर आपको फोटोग्राफी का शौक हो तो इस शहर की सुंदर तस्वीरें खींचने का ये मौका होता है।