माउंट आबू एक बेहद खूबसूरत सा हिल स्टेशन है। ये जगह पश्चिमी भारत के राजस्थान और गुजरात सीमा के पास है। यहां पर चारों तरफ हरे-भरे जंगल हैं। यहां का वातावरण शांति और सुकून देने वाला है। ये हिल स्टेशन अरावली रेंज में ऊंचे पठार पर स्थित है। यहां पर खूबसूरत पहाड़ियां हैं, जिनका दृश्य बहुत मनोरम लगता है। यहां पर आप प्रकृति की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। यहां पर घूमने के लिए कई अच्छी जगहें हैं। यहां के जंगलों में वन्यजीवों को भी देखा जा सकता है जो सफर के मजे को दोगुना कर देते हैं। यहां घूमने के लिए कई धार्मिक स्थल भी हैं। कपल्स और परिवार दोनों के लिहाज से ये जगह अच्छी है। आइए जानते हैं यहां के बारे में...
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नक्की लेक, माउंट आबू
- फोटो : Facebook/Forts of Rajasthan
यहां पर नक्की लेक (झील) है, जहां आप नौका विहार (Boat ride) का लुत्फ उठा सकते हैं। ये झील चारों तरफ से खूबसूरत पहाड़ियों से घिरी हुई है, इसलिए यहां पर नौका विहार करने का अलग ही अनुभव होता है। यह भारत की एकमात्र ऐसी झील है जो कृत्रिम रुप से बनाई गई है।
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वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, माउंट आबू
- फोटो : Facebook/World of Rajasthan
माउंट आबू में आप वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में वन्यजीवों को देख सकते हैं। यहां की हरियाली भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। राजस्थान के बिल्कुल करीब में होने के कारण आपको यहां पर वनस्पतियों और जीवों की विविधता देखने को मिलेगी। यहां पर गुरु शिखर का मनमोहक दृश्य देखकर पर्यटकों का मन आनंदित हो जाता है। ये अरावली की सबसे ऊंची चोटी है।
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दिलवाड़ा मंदिर, माउंट आबू
- फोटो : Facebook/Satirtha Sinha
माउंट आबू से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित दिलवाड़ा मंदिर है, जो पांच मंदिरों का समूह है। यहां के स्तंभों पर नृत्यांगनाओं की आकृतियां बनी हुई हैं। यहां के दरवाजों, छत और खंभों तक पर आपको खूबसूरत नक्काशी देखने को मिलेगी। इस मंदिर में अद्भुत कारीगरी की गई है। अपने एतिहासिक महत्व और संगमरमर के पत्थरों पर की गई बारीक और सुंदर कारीगरी के लिए ये मंदिर दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
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गौमुख मंदिर में नंदी के मुंह से निकलता जल
- फोटो : Facebook/We 'the People of Mount Abu'
गौमुख मंदिर, जैसा कि इसका नाम है यह मंदिर भगवान शिव के वाहन नंदी को समर्पित है। यहां पर संगमरमर के बैल के मुंह से एक रहस्यमय जलधारा गिरती है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 700 सीढ़ियों की चढ़ाई करनी पड़ती है। मेडिटेशन करने के लिए यह स्थान प्रसिद्ध है। पूरे साल यहां पर धार्मिक यात्रा होती है।