भारत सरकार ने महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया है। गौरतलब है कि पिछले कई सालों से सुभाष चंद्र बोस की जयंती के दिन देश प्रेम दिवस मनाते आ रहा है। नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था। साल 1921 में नेताजी पहली बार महात्मा गांधी से मिले थे और नेताजी ने ही महात्मा गांधी को सबसे पहले राष्ट्रपिता कहकर पुकारा था। सुभाष चंद्र बोस के विचारों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है। आप नेताजी के विचारों के जरिए भी पराक्रम दिवस की शुभकामनाएं दे सकते हैं।
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सुभाष चंद्र बोस के क्रांतिकारी विचार
- फोटो : अमर उजाला
"जीवन में अगर संघर्ष न रहे,
किसी भी भय का सामना न करना पड़े,
तब तक जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है।"
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सुभाष चंद्र बोस के क्रांतिकारी विचार
- फोटो : अमर उजाला
"अपनी ताकत पर भरोसा करो, उधार की ताकत तुम्हारे लिए घातक है।"
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सुभाष चंद्र बोस के क्रांतिकार विचार
- फोटो : संदीप भारद्वाज, अमर उजाला
“याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है।"
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सुभाष चंद्र बोस के क्रांतिकार विचार
- फोटो : संदीप भारद्वाज, अमर उजाला
जिस व्यक्ति के अंदर 'सनक' नहीं होती वो कभी महान नहीं बन सकता। लेकिन उसके अंदर, इसके आलावा भी कुछ और होना चाहिए।''