पॉर्न की लत से रिलेशनशिप और शादीशुदा जिंदगी तबाह हो जाती है। रिश्ते में खटास बढ़ जाती है। सेक्शुअल लाइफ बर्बादी के कगार पर आ जाती है। दरअसल, प्यार और रिलेशनशिप में हमें जहां नई जिंदगी का अहसास होता है वहीं, पॉर्न हमारी इस मानसिकता को बदल देता है। इसकी वजह यह है कि पॉर्न हमारे भीतर ऐसी मानसिकता पैदा करता है कि हम शरीर को सिर्फ सेक्स ऑब्जेक्ट के तौर पर देखने लगते हैं। पॉर्न की लत भावनाओं को मार देता है और रिश्तों में हिंसा बढ़ने लगती है।
एडल्ट वीडियो देखने की है लत तो हो जाएं सावधान, खराब हो सकता है वैवाहिक जीवन
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पॉर्न में सेक्स को हिंसात्मक तौर पर दर्शाया जाता है। जबकि असल जिंदगी में यौन बेहद खूबसूरत और गहरा भाव है जो दो लोगों के बीच की संवेदनाओं और प्यार को दर्शाता है। जबकि पॉर्न में यही यौन हिंसात्मक तौर पर पेश किया जाता है और स्त्री को सिर्फ उपभोग के तौर पर दर्शाया जाता है। जो कि प्यार, शादी और रिलेशनशिप को तबाह कर देता है।
पॉर्न देखने वाले की मानसिकता विकृत हो सकती है। वो अवसाद और चिंता से ग्रसित हो सकते हैं। पॉर्न देखने वाले खुद को समाज से कटा हुआ और अकेला महसूस करने लगते हैं और इससे हिंसा और आपराधिक प्रवृत्ति में इजाफा हो सकता है।