अगर आप चाहती हैं कि आपके पार्टनर के दिल में आपके लिए प्यार बरसों तक शादी के पहले दिन की ही तरह बना रहे तो भूलकर भी तुलसी विवाह के दौरान ये गलतियां ना करें।बता दें, पूरे साल में 24 एकादशी आती हैं। जिसमें महीने में दो एकादशी पड़ती है, एक शुक्ल पक्ष में तो दूसरी कृष्ण पक्ष में।इन सभी एकादशी में कार्तिक शुक्ल एकादशी का विशेष महत्व होता है। इसे देवप्रबोधनी एकादशी या देव उठानी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी के चार महीने बाद यानि इस एकादशी में अपनी निंद्रा तोड़ कर जागते हैं। इस दिन शालीग्राम के साथ माता तुलसी का विवाह भी किया जाता है।यदि आप चाहते हैं कि आपका दांपत्य जीवन मधुर बना रहे तो आप तुलसी विवाह को ठीक ढंग से करें जिससे आपको इसका पूरा फल प्राप्त होगा। आइए जानते हैं पति का प्यार बनाए रखने के लिए पूजा के दौरान किन-किन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
{"_id":"5bf39ae2bdec2269827d5c4a","slug":"tulsi-vivah-2018-never-do-these-mistakes-during-tulsi-vivah","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Tulsi Vivah: तुलसी विवाह के दौरान भूलकर भी ना करें ये गलतियां, बना रहेगा जीवनसाथी का प्यार और साथ","category":{"title":"Relationship","title_hn":"रिलेशनशिप","slug":"relationship"}}
Tulsi Vivah: तुलसी विवाह के दौरान भूलकर भी ना करें ये गलतियां, बना रहेगा जीवनसाथी का प्यार और साथ
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:28 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : file photo
tulsi
लाल रंग की चुनरी
जिन लोगों का वैवाहिक जीवन ठीकठाक नहीं चल रहा है वो लोग सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए तुलसी विवाह करते हैं। ऐसे लोग विवाह शुरू करने से पहले तुलसी माता के पौधे पर लाल रंग की चुनरी जरूर चढ़ाएं।
जिन लोगों का वैवाहिक जीवन ठीकठाक नहीं चल रहा है वो लोग सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए तुलसी विवाह करते हैं। ऐसे लोग विवाह शुरू करने से पहले तुलसी माता के पौधे पर लाल रंग की चुनरी जरूर चढ़ाएं।
तिल
तिल चढ़ाएं
तुलसी के गमले में शालिग्राम रखें और फिर उस पर तिल चढ़ाएं।
तुलसी के गमले में शालिग्राम रखें और फिर उस पर तिल चढ़ाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
turmeric
- फोटो : file photo
दूध में भीगी हल्दी
तुलसी और शालिग्राम पर दूध में भीगी हल्दी लगाएं।
तुलसी और शालिग्राम पर दूध में भीगी हल्दी लगाएं।
विज्ञापन
tulsi
तुलसी की परिक्रमा
विवाह के दौरान आपको 11 बार तुलसी की परिक्रमा करनी होगी।
विवाह के दौरान आपको 11 बार तुलसी की परिक्रमा करनी होगी।