आजकल के दौर में पति-पत्नी दोनों ही कामकाजी होते हैं। इससे घरेलू खर्चों में दोनों का साथ मिलता है जिससे दोनों पार्टनर को काफी सहायता मिलती है।लेकिन इस दौरान कई तरह की भी समस्याएं होती हैं। कामकाजी दंपति के बीच मनी मैनेजमेंट आसान नहीं होता। पैसे के मामले में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता का निर्वाह जरूरी है। आप चाहे अपने पैसे को अलग इन्वेस्ट करें या जॉइंट, थोड़ी सी समझदारी से रिश्ते और फाइनेंस दोनों को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं। ये हैं तरीके।
अगर दोनों पार्टनर करते हैं नौकरी तो इस तरह करें अपना मनी मैनेजमैंट
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सेपरेट अकाउंट
कुछ दंपति अपना पूरा पैसा जॉइंट अकाउंट में डालते हैं, तो कुछ अपना बजट, अकाउंट और निवेश अलग-अलग रखते हैं। यह निजी पसंद और आपसी समझदारी का विषय है।अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो इमानदारी बरतें। इसके अलावा कुछ पार्टनर जॉइंट अकाउंट का ऑप्शन रखते हैं। जब कई जिम्मेदारियां सामने हों तो एक जॉइंट अकाउंट बनाएं, ताकि उससे बिल्स भरे जा सकें, लेकिन कुछ खर्च पर्सनल भी होते हैं, तो उसके लिए एक अलग अकाउंट रख सकते हैं। इससे बजटिंग में आसानी रहेगी और प्राइवेसी भी मेंटेन हो सकेगी।
हिस्सेदारी
अपने और पार्टनर के खर्च के पैटर्न और व्यवहार पर नजर रखें। दोनों तय करें कि हर महीने जॉइंट अकाउंट में कितना पैसा जमा करेंगे। यह मासिक आमदनी पर भी निर्भर करता है कि कौन कितने रुपए जमा करेगा। इसके अलावा पार्टनर को खर्च पर भी नजर रखना चाहिए। क्योंकि कई बार दंपति में कोई एक खर्चीला होता है। जब तक स्थितियां ठीक रहती हैं, उनका मनी मैनेजमेंट भी बेहतर रहता है, लेकिन आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव आता है तो पैसे और खर्च को लेकर रिश्तों में तनाव होने लगता है। इसलिए खर्च पर काबू रखें। ताकि पैसों को लेकर रिश्ते में किसी तरह का कोई तनाव न हो।
वैकल्पिक बचत
इमरजेंसी अकाउंट रखें और उसे खराब परिस्थिति के लिए संभालकर रखें। यह पैसा दोनों एक साथ या अलग-अलग जमा कर सकते हैं। जमा किया हुआ यह पैसा किसी विपत्ति के समय आपके लिए एक बड़ी मदद बनकर उभर सकती है।
जॉइंट लोन से बचें
अगर आपके रिश्ते में किसी तरह की पहले से कोई परेशानी चल रही हो तो जॉइंट लोन लेने से बचें। क्योंकि अगर जॉइंट लोन लिया है तो उसका रीपेमेंट भी मिलकर करना होगा। किसी वजह से एक पार्टनर उसे वहन न कर सके या किस्त न जमा करे, तो भी दूसरे को ऐसा करना होगा। इसलिए रिश्ते में पूरी तरह संतुष्ट न हों तो जॉइंट लोन लेने से बचें।