Relationship Tips : हर रिश्ता अलग होता है, लेकिन एक बात सब में समान होती है कि हर इंसान चाहता है कि उसे सुना और समझा जाए। शादीशुदा ज़िंदगी में तकरार आम है, लेकिन अगर अक्सर किसी बहस की वजह एक ही तरह की हों और उनके बीच के झगड़े सुलझे नहीं तो दोनों के रिश्ते में कड़वाहट आने लगती है। कई कपल के बीच ये देखने को मिलता है कि बहस होने के बाद भी मामला शांत भले ही हो जाए लेकिन मन शांत नहीं होता। दिखने में तो लगता है कि आपके बीच का विवाद खत्म हो गया लेकिन कुछ मुद्दे कभी सुलझते ही नहीं।
Relationship Tips: बहस करते समय ये बातें सोचते हैं पति-पत्नी, जो होती हैं लड़ाई बढ़ने की वजह
रिश्ते बहस से नहीं, बहस के बाद की समझदारी से बनते हैं। अगर आप भी बार-बार उन्हीं टॉपिक्स पर बहस करते हैं, या झगड़े के बाद खुद को अकेला महसूस करते हैं, तो यह लेख आपके लिए है।
महिलाओं के लिए बहस का मतलब
जब पति -पत्नी के बीच बहस होती है तो महिलाओं के लिए ये एक इमोशनल अलार्म की तरह होता है। जब आपकी पत्नी कहती है, कि हमें बात करनी है, तो वो सिर्फ शिकायत नहीं कर रही होती, वो एक भावनात्मक जुड़ाव चाहती हैं। उनके लिए बहस का मतलब होता है,
- चलो बात करें
- मैं इस बात को खत्म करना चाहती हूं
- मुझे समझना है कि हम कहां जा रहे हैं
- मैं चाहती हूं कि आप गलती स्वीकार करें
- हमें एक वाॅक, हद, डेट या गहरी बातचीत की जरूरत है।
इस सब के जरिए महिलाएं किसी समाधान की तलाश में होती हैं, जो दिल और रिश्ते दोनों को सुकून दे।
पुरुषों के लिए बहस का मतलब
हालांकि पति के लिए पत्नी संग बहन एक अस्थायी तूफान जैसा होता है, जो जितनी वेग से आता है, उतनी ही तेजी से चला भी जाता है। पुरुष अक्सर झगड़े को इस तरह देखते हैं,
- हम किसी बात पर नाराज हुए, बहस हुई, बात बंद गई... फिर सब खत्म न..?
- पुरुषों को लगता है कि जब बहस थम गई, बातचीत बंद हो गई यानी मामला सुलझ गया।
पति-पत्नी का विवाद पर नजरिया
जब पति और पत्नी के बीच बहस होती है तो पति इस सोच के साथ बात खत्म करके आगे बढ़ जाता है कि सब ठीक हो चुका है लेकिन अधिकतर महिलाओं के जहन में वो बात बैठ जाती है।
महिलाएं उस बहस या झगड़े के बाद काफी वक्त तक आहत रहती हैं। उन्हें इंतजार होता है कि उनके साथी का एक फोन कॉल, एक मैसेज आएगा, जो उनकी परवाह को दर्शाएगा। महिलाएं चाहती हैं कि विवाद के बाद साथी उनसे पूछे, 'क्या तुम ठीक हो?'
दूसरी तरफ पुरुष पहले ही मूव आन कर जाते हैं। उन्हें लगता है कि हम लड़ लिए, फिर शांत हो गए, मतलब सब ठीक है। जब पति देखता है कि पत्नी अब भी नाराज है, तो सोच में पड़ जाता है कि अब क्या हो गया। अधिकतर पुरुष ये समझ ही नहीं पाते कि महिलाओं की नाराजगी की वजह उनके बीच हुआ कोई पुराना विवाद है, जिसे वह तो भूल गए लेकिन उनकी पत्नी नहीं भुला पाई।
पति-पत्नी के बीच तनाव कम करने का समाधान
चूंकि दोनों के बीच भावनात्मक प्रतिक्रिया का फर्क होता है। ऐसे में अगर आपको महसूस हो कि आपका साथी किसी बात से नाराज या दुखी है तो अनुमान न लगाएं कि अब क्या बात हो गई, बल्कि उनसे सीधे पूछें।
पुरुष पत्नी से सवाल करें कि "क्या तुम ठीक हो? क्या बात करना चाहोगी उस दिन की?"
महिलाएं को भी चाहिए कि वह इस बात का इंतजार न करें कि पति पूछेगा तब आप मन की बात कहेंगी। खुद से पति से कहें कि "मुझे पता है तुम आगे बढ़ चुके हो, लेकिन मुझे इस मुद्दे का सही तरीके से अंत करना है।
रिश्तों में संवाद होना ही सबसे बड़ा समाधान है। दोनों के सोचने और महसूस करने का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन प्यार और समझदारी के साथ हम एक-दूसरे के अनुभवों को समझ कर रिश्ते के बीच आ रही परेशानियों को कम कर सकते हैं।