Raksha Bandhan 2025 : इस वर्ष 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है। राखी की त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम, सशक्त रिश्ते और दायित्वो का पर्व है। कहते हैं कि बहन भाई की लंबी आयु की कामना करती है और भाई बहन की रक्षा का दायित्व निभाता है। लेकिन क्या रक्षा करना सिर्फ भाइयों का दायित्व है। एक रक्षासूत्र भाइयों के कंधों पर जिम्मेदारी ला सकता है? उसी रक्षासूत्र को बांधने वाली बहन का दायित्व क्या है?
आज की महिलाएं जो हर क्षेत्र में आगे हैं, वे डॉक्टर हैं, सैनिक हैं, अफसर हैं, इंजीनियर हैं और अपने परिवार की रीढ़ भी बनती जा रही हैं तो फिर भाई की रक्षक क्यों नहीं बन सकतीं? आज बहनें भी अपने भाई, माता-पिता और देश के लिए ढाल बनकर खड़ी हैं। इस रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं की शक्ति, समर्पण और उनके द्वारा निभाई गई ‘रक्षक’ की भूमिका के बारे में जानते हैं। इस लेख में देश की ऐसी पांच बहनों की कहानियां शामिल हैं, जिन्होंने बहन शब्द की एक नई परिभाषा दी है।
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लता मंगेशकर
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लता मंगेशकर और हृदयनाथ मंगेशकर
स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने भारत ही नहीं, विश्व में संगीत के क्षेत्र में अपना परचम लहराया। उनके छोटे भाई हृदयनाथ मंगेशकर खुद भी संगीतकार हैं, लेकिन लता जी की आवाज और ख्याति के सामने उनकी पहचान छोटी लगती है। लता दीदी ने पूरे परिवार को आर्थिक और सामाजिक रूप से संभाला। वह अपने परिवार की रीढ़ की हड्डी और भाई-बहनों के सपनों को पंख देने वाली ऐसी रक्षक बनीं, जिन्होंने पूरे मंगेशकर परिवार को गौरवान्वित किया।
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प्रियंका और राहुल गांधी
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प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी
राहुल गांधी राजनीति में काफी सक्रिय हैं लेकिन जब भी उन्हें जरूरत पड़ी प्रियंका गांधी वाड्रा भाई की ढाल बनकर खड़ी रहीं। वह राहुल गांधी के साथ कई रैलियों और मंच पर नजर आईं। जहां एक वक्त पर राहुल गांधी की छवि को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था, उस वक्त प्रियंका गांधी वाड्रा इंदिरा गांधी की तरह वाली दमदार छवि में आईं लेकिन उन्होंने खुद से अधिक भाई की छवि को बेहतर बनाने की कोशिश की।
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प्रियंका चोपड़ा और सिद्धार्थ चोपड़ा
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प्रियंका चोपड़ा और सिद्धार्थ चोपड़ा
ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा ने ना केवल बॉलीवुड बल्कि हॉलीवुड में भी अपना नाम रोशन किया। उनके भाई सिद्धार्थ एक शेफ और एंटरप्रेन्योर हैं, लेकिन लोकप्रियता और प्रभाव में प्रियंका बहुत आगे हैं। प्रियंका ने हमेशा अपने भाई को सपोर्ट किया। हाल ही में जब प्रियंका के भाई की शादी हुई तो वह एक बड़ी बहन, मां और दोस्त की तरह अपने भाई के साथ नजर आईं। वह एक ग्लोबल आइकन है, जिसपर उनके भाई भी गर्व करते होंगे।
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लालू यादव के साथ उनकी बेटी रोहिणी आचार्य।
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रोहिणी आचार्य और तेजस्वी व तेज प्रताप यादव
बिहार की राजनीति का बड़ा नाम लालू यादव की राजनीतिक विरासत भले ही उनके बेटे तेजस्वी यादव संभाल रहे हों लेकिन उनकी बेटी भी परिवार पर आने वाली आपदा के सामने ढाल बनकर खड़ी रहीं। जब पिता लालू यादव को स्वास्थ्य समस्या हुई तो बेटी रोहिणी आचार्य ने उन्हें किडनी दान की। एक बेटी ने बेटे का फर्ज निभाया और पिता, भाई और परिवार की रक्षक बनीं।