दस साल के नन्हे अर्णव को इस बार अपनी कजिन से एक अनोखी राखी मिली है। कोरोना के चलते अर्णव की कजिन राखी बांधने तो नहीं आ पाई दूसरे शहर से लेकिन उसने अर्णव के लिए ऑनलाइन ई-कॉमर्स साइट से कुछ गिफ्ट्स और राखी भेज दी है। इस राखी को देखकर अर्णव के मम्मी पापा भी खुश हैं और दादू भी। जब अर्णव को बताया गया कि इस राखी में एक छोटा सा बीज है जिसे राखी बांध लेने के कुछ दिन बाद निकालकर गमले में बोया तो उससे सुंदर से एक पौधा निकलेगा। इस कल्पना से ही अर्णव रोमांचित है। केवल अर्णव ही नहीं उसके दादू भी उत्साह से भरकर एक गमला तैयार कर रहे हैं। कोरोना काल में तमाम नेगेटिव खबरों के बीच, इस क्रिएटिविटी ने उन सबके भीतर उम्मीद सी जगमगा दी है।
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रक्षाबंधन विशेष: राखी एक धागा नहीं प्यार और स्नेह का है बंधन, करता है भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत
Sun, 22 Aug 2021 12:15 AM IST
प्रकाश चंद जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Sun, 22 Aug 2021 12:15 AM IST
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राखी 2021
- फोटो : iStock
राखी 2021
- फोटो : istock
सकारात्मकता का रक्षा सूत्र
- इस बार का रक्षाबंधन कई वजहों से अलग है। कोरोना काल की शुरुआत में हुई घबराहट और डर की जगह अब समझदारी लेने लगी है। लोग जितना हो सकता है नकारात्मक मानसिकता से बाहर आने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षित रहकर त्योहार मनाने के साथ ही खुशियों को फिर से पाने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इस दौर ने लोगों को पर्यावरण, शुद्ध हवा, खान पान और हाइजीन को लेकर भी सतर्क रहना सिखाया है। इकोफ्रेंडली उत्पाद ऐसे ही प्रयासों की एक कड़ी है। इसलिए अब ज्यादा लोग इनको अपना रहे हैं।
राखी 2021 बांस से बनी राखी
- फोटो : अमर उजाला
कई हैं विकल्प
- इकोफ्रेंडली राखियां इस समय कई रूप और नामों से बाजार में उपलब्ध हैं। ये सो एन्ड ग्रो (बोओ और उगाओ), प्लांटेबल राखी, सीड राखी आदि के नाम से ऑनलाइन या दुकानों पर उपलनलब्ध हैं। खासकर ई कॉमर्स वेबसाइट्स पर इनकी कई वैरायटीज उपलब्ध हैं। केवल राखी ही नहीं इनके साथ गिफ्ट हैम्पर भी इकोफ्रेंडली पैकिंग में दिए जा रहे हैं। इसमें नारियल के खोल से बने गिफ्ट पैक, रिसाइकल हो सकने वाले पेपर से बने गिफ्ट पैक या जूट जैसी चीजों से बने गिफ्ट पैक मिल रहे हैं। यहां तक कि रोली और अक्षत रखने के लिए भी इकोफ्रेंडली मटेरियल यूज़ किये जा रहे हैं।
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राखी 2021 राखी गिफ्ट
- फोटो : istock
खुशी भरा गिफ्ट
- नीति की बुआ ने इस बार उसके लिए रक्षाबंधन पर एक सुंदर सी ड्रेस भेजी है। नीति की मम्मा ने उस ड्रेस के पैकेट को सेनेटाइज़ करके ओपन किया और फिर ड्रेस को धोने के लिए मशीन में डालने से पहले उसकी पॉकेट्स चैक की तो उसमें से दो छोटी छोटी पोटलियां निकलीं। इन पोटलियों पर लिखा था कि कपड़ों का वह ब्रांड प्रकृति की केयर करने के साथ ही बच्चों में एनवायरमेंट के प्रति जानकारी और केयर का भाव पैदा करने के लिहाज से एक अभियान चला रहा है। इन पोटलियों में पौधों के बीज हैं जिन्हें बच्चों को बड़ों के साथ मिलकर किसी भी खाली बॉटल, डब्बे आदि में थोड़ी सी मिट्टी में बोना है और इनसे उगने वाले पौधों की देखभाल करना है। ये तोहफा नीति और उसकी मम्मा दोनो के लिए एकदम अनूठा और नया था। उन्होंने उसी दिन घर में बेकार पड़े दो डिब्बों में उन बीजों को बोया और कुछ ही दिनों में नन्हे नन्हे पौधे उग आये। अब इन पौधों की देखभाल नीति के जिम्मे है और उसने बकायदा इनके नाम भी रख दिये हैं।
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राखी 2021
- फोटो : istock
भविष्य की आशा
- इकोफ्रेंडली राखियों और गिफ्ट्स के रूप में जिस कल्चर ने जन्म लिया है वह भविष्य के लिए आशा की एक ज़मीन तैयार कर रहा है। पर्यावरण या प्रकृति के संरक्षण या बचाव की जिम्मेदारी किसी एक की नहीं, सबकी साझी है। ऐसे में छोटे छोटे कदम मिलकर एक बड़ी मुहिम बनते हैं। अगर हम अब भी अपनी नई पीढ़ी को प्रकृति से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं तो हम भविष्य को सुखद बनाने की ओर आगे बढ़ते हैं।